सतलुज नदी से पकड़ी गई कच्ची दारू व अन्य सामग्री दिखाते अधिकारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आबकारी व पुलिस की संयुक्त टीम ने सतलुज नदी के टापुओं पर दबिश देकर 96000 लीटर कच्ची दारू पकड़ी है। वहां से टीम को 46 तिरपाल और 16 लोहे के ड्रम बरामद हुए हैं। पुलिस टीम को देखकर आरोपी वहां से भागने में कामयाब हो गए। टीम ने इस संबंध में थाना सदर को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सूचित कर दिया है।
आबकारी विभाग के अधिकारी सतिंदर मल्ही ने बताया कि एक अभियान के तहत टीम गठित कर सीमांत क्षेत्रों में कच्ची दारू तैयार करने वालों की धरपकड़ की जा रही है। मल्ही ने बताया कि उनकी टीम को गुप्त सूचना मिली कि भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय हुसैनीवाला बार्डर से सटे सीमांत गांव अलीके, हबीबके, निहंगेवाले झुग्गे, चांदीवाला, गट्टी राजोके में सतलुज नदी के टापुओं पर भारी मात्रा में कच्ची दारू तैयार कर नदी के अंदर छिपाकर रखी है। इसे आरोपी बाहर निकाल कर आगे बेचने की फिराक में हैं।
उनकी टीम ने बताई हुई जगह पर दबिश देकर वहां से 96000 लीटर कच्ची दारू पकड़ी। यहां से टीम को 46 तिरपाल मिली हैं, जिनमें आरोपियों ने कच्ची दारू भर कर नदी के अंदर छिपाकर रखी थी। इसके अलावा टीम को लोहे के 16 ड्रम भी मिले हैं, जिनमें कच्ची दारू तैयार की जाती है।
उन्होंने बताया कि टीम को देखकर आरोपी वहां से भागने में कामयाब हो गए हैं। मल्ही ने बताया कि इस वर्ष विभाग ने सतलुज नदी और हरिके पत्तन झील से 10 लाख 95 हजार 560 लीटर कच्ची दारू, 16818 शराब से भरी बोतलें, 136 तिरपाल, 28 रबड़ की ट्यूब के अलावा अन्य सामग्री पकड़ी है।