अमृतसर में एसआई दिलबाग सिंह की बोलेरो के नीचे आईईडी बम लगाने वाले आरोपियों को पनाह देने के वाले दो भाइयों पर पुलिस ने मामला दर्ज कर एक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी जिला जेल में बंद है। पुलिस की जांच में पाया गया है कि आरोपियों को रोपड़ के गांव गड़बागा में पनाह दी गई थी। इनमें से एक आरोपी हत्या के मामले में जेल में बंद है और दूसरे को पुलिस ने काबू कर लिया है।
जानकारी के अनुसार 25 सितंबर को अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर पुलिस ने रोपड़ के पुलिस प्रमुख डॉ. संदीप गर्ग को लिखित जानकारी दी थी कि एसआई दिलबाग सिंह की बोलेरो के नीचे आईईडी बम लगाने के मामले में पकड़े जा चुके युवराज सिंह सभ्रवाल उर्फ यश ने पूछताछ में बताया है कि लखवीर सिंह उर्फ लंडा के कहने पर उसने एसआई दिलबाग सिंह की बोलेरो के नीचे बम लगाया है।
इसके बाद लंडा ने बम लगाने के बारे में पता चलने के बाद अशोक कुमार निवासी गांव गड़बागा को फोन किया कि युवराज सिंह सभ्रवाल ने बड़े काम को अंजाम दिया है, इसलिए उसे कुछ दिन पनाह देनी है। पत्र में स्पष्ट किया है कि जिस अशोक कुमार को पनाह का इंतजाम करने के लिए लंडा ने फोन किया, वह अशोक कुमार हत्या के मामले में जेल में बंद है। इसी अशोक कुमार ने लखवीर सिंह उर्फ लंडा का फोन आने के बाद अपने भाई गुरचरण सिंह गांव गड़बागा को फोन कर बम मामले में आरोपी युवराज सिंह सभ्रवाल उर्फ यश को पनाह उपलब्ध करवाई।
सूचना के बाद जिला पुलिस प्रमुख के निर्देशों पर थाना नूरपुरबेदी के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरसेवक सिंह ने आरोपी अशोक कुमार और उसके भाई गुरचरण सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में इंस्पेक्टर गुरसेवक सिंह ने बताया कि आरोपी के घर जब दबिश दी गई तो वह मौके पर नहीं मिला। जबकि बाद में आरोपी गुरचरन सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। डीएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपी गुरचरण सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरा आरोपी जेल में है। पुलिस ने गांव गड़बागा से पकड़े गए आरोपी गुरचरण सिंह को अदालत में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है।