अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने रंजीत एवेन्यू में एसआई दिलबाग सिंह की बोलेरो में आईईडी लगाने के मामले में गिरफ्तार युवराज सभ्रवाल उर्फ यश से पूछताछ के बाद दो पिस्तौल, पांच कारतूस, एक डेटोनेटर, आईईडी विस्फोट का बचा सामान और कुछ पैकिंग मैटीरियल बरामद किया है।
मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के कुल्लू व हाल में रतन सिंह चौक, नवीं आबादी स्थित गली घुमियारा वाली निवासी युवराज सभ्रवाल उर्फ यश ने कबूला कि सीआईए स्टाफ के एसआई दिलबाग सिंह की बोलेरो के नीचे आईईडी उसने ही लगाई थी। उसने गैंगस्टर लखबीर सिंह लंडा के कहने पर ही अमृतसर के गांव खानकोट निवासी दीपक के साथ मिलकर यह काम किया था।
पुलिस ने अमृतसर के रतन सिंह चौक के पास रहने वाले यश को एसआई की बोलेरो के नीचे आरडीएक्स-आईईडी लगाने के मामले में 23 सितंबर को गिरफ्तार किया था। रंजीत एवेन्यू पुलिस ने आरोपी को पुलिस रिमांड पर हासिल करने के बाद उससे गहन पूछताछ के बाद यह बरामदगी की है।
वहीं पुलिस पूछताछ में आरोपी ने माना कि 16 अगस्त की अलसुबह करीब दो बजे बोलेरो कार में आईईडी लगाने के बाद युवराज सभ्रवाल फरार हो गया था। इस दौरान रोपड़ के अशोक कुमार और गुरचरण सिंह ने उसे छिपने में मदद की थी। इस खुलासे के बाद रोपड़ पुलिस ने दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है।
यश पर दर्ज हैं 11 मामले
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बोलेरो के नीचे आईईडी लगाने के मुख्य आरोपी युवराज सभ्रवाल उर्फ यश के खिलाफ पहले से 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से पांच एफआईआर मजीठा रोड थाने में, एक सिविल लाइन थाने में, एक छेहरटा थाने में, एक कपूरथला के भुलत्थ में, एक बटाला सिटी में और एक एफआईआर तरनतारन के चोहला साहिब थाने में दर्ज है।