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मरने से पहले युवती ने फेसबुक पर उड़ेला बेवफाई का दर्द

Sun, 16 Apr 2017 09:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डेराबस्सी(मोहाली)
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आत्महत्या करने वाली छात्रा का मोबाइल, पर्स गायब
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मरने से पहले कीर्ति ने फेसबुक पर एक स्टेटस डाला। जिसमें साफ जाहिर हो रहा है कि वो अंदर से बूरी तरह से टूट चुकी थी। कीर्ति के सुसाइड से पुलिस पर्दा नहीं उठा पा रही। अंबाला-कालका रेललाइन पर बीते सोमवार ट्रेन के आगे आकर आत्महत्या करने वाली सुखमणी कॉलेज की छात्रा की मौत का मामला उलझता जा रहा है।
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उसका मोबाइल फोन, पर्स और किताबें हादसे वाली जगह से गायब हैं। जबकि रेलवे पुलिस दावा कर रही है कि लड़की की लाश के पास उन्हें कोई सामान नहीं मिला। दूसरी ओर लड़की के परिजनों ने रेलवे विभाग के अधिकारियों से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

मृतक के पिता स्वर्ण सिंह ने बताया कि मामले को लेकर वह रेलवे विभाग के पटियाला दफ्तर में उच्चाधिकारियों को मिलें। उन्होंने उन्हें बताया कि घटनास्थल से उनकी लड़की का मोबाइल भी गायब है। जिस पर उन्हें संदेह है कि उनकी बेटी की मौत के पीछे जरूरी कोई बड़ी साजिश है। उन्होंने मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाने की मांग की है, ताकि पता चल सकें कि उसने आखिरी बार किससे बात की? 
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वहीं, पिता ने रेलवे पुलिस को यह भी बताया कि जिस दिन कीर्ति की मौत हुई है, उससे पहले वह कॉलेज गई और वहां उसका किसी से झगड़ा हुआ था। जबकि रेलवे पुलिस मामले को हल करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। जबकि बेटी की मौत हुए 5 दिन से अधिक हो गए हैं।

आरोप है कि अभी तक पुलिस ने सुखमणी कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग तक हासिल नहीं की। मृतका के पिता ने बताया है कि रेलवे पुलिस इस मामले में पूरी तरह से लापरवाही बरत रही है, जबकि कीर्ति की मौत का कारणों पता इन सारी बातों में से ही निकलकर सामने आएगा।
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कीर्ति ने खुद को फीलिंग सेड बताया था

आत्महत्या करने वाली छात्रा का मोबाइल, पर्स गायब
बीते सोमवार को 22 वर्षीय करतार कौर उर्फ कीर्ति सैणी निवासी भांखरपुर सुखमणी कॉलेज डेराबस्सी में बीकॉम तृतीय वर्ष की छात्रा थी। उसने कॉलेज के पिछली तरफ से गुजर रही रेलवे लाइन पर रेलगाड़ी के आगे आकर आत्महत्या कर ली थी, जिसमें मौत का कारण अभी तक पहेली बना हुआ है।

वहीं, रेलवे पुलिस चौकी लालड़ूू के इंचार्ज रामपाल का कहना है कि ऐसे केसों की फाइल को इतनी जल्द बंद नहीं किया जाता। उसकी निष्पक्ष जांच की जाएगी। जबकि रेलवे पुलिस ने धारा 174 की कार्रवाई करके केस दर्ज किया है। 

बच रहे दोस्त
कीर्ति ने अपने फेसबुक अकाउंट पर 7 अप्रैल को आखिरी स्टेट्स अपडेट किया, जिसमें कीर्ति ने खुद को फीलिंग सेड बताया था। वहीं, कीर्ति ने जिस दिन आत्महत्या की उस दिन उसके स्टेट्स पर 25 कमेंट्स थे। जिनमें अधिकतर उसके दोस्तों के कमेंट्स थे। जो कमेट्स के जरिए कीर्ति को उदास होने का कारण पूछ रहे थे।

वहीं, शनिवार को कमेंट्स 25 से कम होकर 14 ही रह गए है। जिनको देखकर लगता है कि शायद कीर्ति के दोस्त इस मामले से बचना चाहते हैं। बता दें कि 7 अप्रैल को कीर्ति ने स्टेटस अपडेट करते हुए लिखा था ‘कि कोई कदे किसे दा इनां न करें की जदो झटका दे के जांदा है कि व्यक्ति अपणे आप नूं संभाल नीं सकदा’। कीर्ति ने यह किसके लिए लिखा है अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
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