दो दिन से लापता डॉक्टर सुभाष वोहरा का शव मंगलवार को वन विभाग की नर्सरी के पास सुल्तानविंड नहर से बरामद किया गया है। मकबूलपुरा पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। वहीं पुलिस जांच कर रही है कि इसके पीछे क्या कारण रहे हैं। जानकारी के मुताबिक ग्रीन एवेन्यू निवासी डॉ. सुभाष वोहरा दुख निवारण अस्पताल में पार्टनर के तौर पर कार्यरत थे। वह रविवार सुबह अपनी कार लेकर अस्पताल के लिए निकले लेकिन उसके बाद उनका कुछ पता नहीं चला।
डॉ. वोहरा की पत्नी ने पुलिस को शिकायत दी। इसके बाद वोहरा की कार को तारांवाला नहर के पुल के पास से रविवार को बरामद कर लिया गया था। पुलिस ने नहर के आसपास की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो पाया कि डॉ. वोहरा कार से दोपहर 12:30 बजे तारांवाला नहर के पुल पर पहुंचे थे। नहर में कूदकर आत्महत्या करने की आशंका में पुलिस ने गोताखोरों की मदद से डॉ. वोहरा की तलाश करवाई लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला।
डॉ. वोहरा की कार तो मिल गई मगर उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ था। दुख निवारण अस्पताल के एक सुरक्षा गार्ड ने बताया कि वह कल रात से ही नहर पर मौजूद थे। मंगलवार को सुबह उन्हें किसी ने आकर बताया कि सुल्तानविंड वन विभाग की नर्सरी के निकट नहर में एक शव दिखा है।
वह तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना देकर शव को पानी से बाहर निकाला तो पाया कि वह डॉ. सुभाष वोहरा का था। मकबूलपुरा थाना प्रभारी गुरिंदर सिंह ने बताया कि डॉ. सुभाष वोहरा की मिसिंग की रिपोर्ट दर्ज है। पुलिस ने 174 के तहत कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।