आरोपी रोहित उर्फ रमन एक वर्ष पहले तक राजगुरु मार्केट स्थित एक कपड़े की दुकान पर नौकरी करता था। किसी कारण से उसने यह नौकरी छोड़ दी और बेरोजगार हो गया। बेरोजगारी और लालच के चलते वह गलत लोगों के संपर्क में आया और नकली नोट चलाने के इस कारोबार में घुस गया। बताया जा रहा है कि उसने इतनी संख्या में पहली बार ही नोटों की डिलिवरी ली थी, लेकिन उन्हें चलाने से पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
फोन मांगने वाले ने कराई बलविंदर से बातचीत शुरू
रोहित ने बताया कि करीब एक माह पहले उससे किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन करने के लिए मांगा। उसने उसे फोन दे दिया लेकिन उसके बाद उसके फोन पर उसी नंबर से कई बार कॉल आने लगी, जो पंजाब के बलविंदर का था। बातचीत शुरू होने के बाद धीरे-धीरे में उनमें नकली नोट को लेकर भी बातचीत हुई, लालच में जिन्हें चलाने के लिए वह राजी हो गया।
आरोपी रोहित का तीन दिन का रिमांड हासिल किया है। रिमांड अवधि में उससे पंजाब के बलविंदर और इस धंधे से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी हासिल की जाएगी। साथ ही वह ये नोट कहां चलाने वाला था, इसके बारे में भी पूछताछ की जाएगी। - एएसआई विनोद कुमार, प्रभारी, शहर थाना।