चंडीगढ़ के सेक्टर-39 में बीते मंगलवार को शिमला की युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले के मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को गुरुवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने एक आरोपी को घटना के दिन ही पकड़ लिया था। पकड़े गए दूसरे और मुख्य आरोपी की पहचान मोहाली निवासी सन्नी के रूप में हुई है। सन्नी बीते दो दिनों से पुलिस से छिपता फिर रहा था।
पुलिस ने अदालत को बताया कि सन्नी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और उसके खिलाफ पहले से एक मामला दर्ज है। पुलिस उसका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। इससे पहले पुलिस ने मामले में एक आरोपी परविंदर सिंह को घटना की सूचना मिलते ही गिरफ्तार कर लिया था। उसके खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा-376 डी के तहत केस दर्ज किया है। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
चार दिनों तक कमरे में बंधक बनाकर रखा था
पीड़िता को चंडीगढ़ के सेक्टर-39 के एक मकान में चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था। यहीं आरोपी सन्नी और उसके साथी सिरसा निवासी परविंदर सिंह ने पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि पहले सन्नी ने दुष्कर्म किया, उसके बाद परविंदर सिंह ने भी उसे अपना शिकार बनाया। इसके बाद सन्नी फरार हो गया था, जबकि पुलिस ने परविंदर सिंह को घर से गिरफ्तार किया।
यह था मामला
पीड़ित युवती ने पुलिस को बताया था कि वह शिमला की रहने वाली है। उसके गांव की रहने वाली एक सहेली मोहाली में किराये के मकान में रहकर नौकरी करती है। वह नौकरी के लिए अपनी सहेली के पास आकर रहने लगी। इस बीच उसकी मुलाकात सन्नी से हुई। सन्नी से वह करीब 20 दिन से फोन के जरिए संपर्क में थी। एक दिन आरोपी सन्नी ने उसे शहर घुमाने की बात कही मगर पीड़िता ने उसे मना कर दिया लेकिन आरोपी के बार-बार कहने पर वह उसके साथ घूमने निकली। इस दौरान आरोपी सन्नी अपने दोस्त परविंदर सिंह के सेक्टर-39 के मकान में काम के बहाने ले गया, जहां वारदात को अंजाम दिया। इस बीच पीड़िता किसी तरह आरोपियों को चकमा देकर भागने में कामयाब रही और सेक्टर-39 पुलिस थाने में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।