जाट आंदोलन के दौरान मुरथल में कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले में रविवार को नया मोड़ आ गया। जांच के लिए डीआईजी के नेतृत्व में बनाई गई टीम के सामने एक महिला आई, जिसने खुद के साथ हाइवे किनारे सामूहिक दुष्कर्म की बात बताई है।
विज्ञापन
महिला के बयानों के आधार पर सात नामजद आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। आरोपियों में महिला का देवर भी शामिल है। देर शाम मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता के बयान भी दर्ज कराए गए हैं।
हालांकि इसमें वारदात 22-23 फरवरी की रात बताई गई है जबकि अभी तक सामने आए कथित प्रत्यक्षदर्शियों ने 21-22 फरवरी की रात सामूहिक दुष्कर्म की बात कही थी। यानी अभी उस रात हुए कथित गैंगरेप की गुत्थी अनसुलझी ही है।
विज्ञापन
डीएसपी सुरेंद्र कौर ने बताया कि शिकायतकर्ता गन्नौर क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है, जोकि फिलहाल नरेला में किराए पर रहती है। बकौल शिकायकर्ता वह अपनी 15 साल की बेटी के साथ हरिद्वार गई थी। वापस आते समय उसकी बस खराब हो गई थी तो उसने वैन ले ली थी।
वैन में 6-7 अन्य महिलाएं भी बैठी थी। मुरथल के पास एक बड़ी सी बिल्डिंग के सामने इनकी वैन पर कुछ लड़कों ने हमला कर दिया। वैन के शीशे तोड़े और इसके बाद वैन में बैठी औरतों को बाहर निकालकर उठा कर ले जाने लगे। 7-8 युवक उसे भी उठाकर ले गए। इन युवकों ने उसके साथ गैंगरेप किया।
उसने इन युवकों को पहचान लिया और युवकों ने भी उसे पहचान लिया। इस पर दुष्कर्मियों ने उसकी बेटी को छोड़ दिया, हालांकि तब तक उसके कपड़े फाड़ दिए थे। शिकायकर्ता के अनुसार बाद में आरोपी उसे नरेला तक भी छोड़ कर आए।
Trending Videos
अदालत में हुए ट्रक ड्राइवर के बयान, तीनों मुकरे
पुलिस टीम ने शिकायकर्ता के बयानों पर 128, 149, 354, 342, 376डी, 506 और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में सात युवक नामजद किए गए हैं। इसमें से एक आरोपी को शिकायकर्ता ने अपना देवर बताया है।
डीएसपी सुरेंद्र कौर के अनुसार शिकायतकर्ता ने बताया कि एक आरोपी उसकी ससुराल के परिवार का ही हिस्सा है और रिश्ते में देवर लगता है।
कल 11 बजे आया था फोन, आज थी चंडीगढ़ वहीं, डीआईजी राजश्री ने पत्रकारवार्ता के दौरान बताया कि इस महिला का शनिवार को 11 बजे के करीब फोन आया था और फोन पर उसने बताया था कि वह कुछ बताना चाहती है, लेकिन मिलकर। इसके बाद इस महिला को आज बुलाया गया था।
डीआईजी खुद डीएसपी भारती के साथ एडवोकेट उत्सव से मिलने के लिए चंडीगढ़ गई थीं। डीएसपी सुरेंद्र कौर को सोनीपत ही छोड़ा गया था। बताया गया कि रविवार को दोपहर के समय शिकायकर्ता सोनीपत पहुंची और अपने बयान दिए।
मीडिया के सामने महिलाओं के साथ बदतमीजी और कपड़े फाड़ने की घटना अपनी आंखों से देखने का दावा करने वाले तीन ट्रक चालकों को रविवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत में तीनों ट्रक चालक मीडिया के सामने दिए गए अपने बयानों से मुकर गए।
ट्रक चालकों ने शनिवार देर शाम पुलिस के सामने भी ये ही बयान दिए थे कि उन्होंने कुछ नहीं देखा। इसीलिए रविवार को भी अदालत में वे महिलाओं के साथ छेड़छाड़ व कपड़े फाड़ने की घटना से मुकर गए। बता दें कि अदालत में निरंजन, सुखविंद्र, यादवेंद्र को पेश किया गया था।
पारिवारिक विवाद भी हो सकता है: डीआईजी: डीआईजी डा. राजश्री ने कहा कि एक महिला सामने आई है। हालांकि इसका थोड़ा फैमिली डिस्पयूट लगता है। फिर भी अगर और कोई पीड़ित है तो सामने आए। हम सब चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए। अगर कोई पीड़ित है तो उसे डरने की जरूरत नहीं है।
पुलिस को ढूंढना है इन सवालों का भी जवाब 1. पहले सामूहिक दुष्कर्म की वारदात 21-22 की रात की बताई जा रही थी, लेकिन अब यह महिला 22-23 की रात का मामला बता रही है। 22 फरवरी को दोपहर बाद तक जीटी रोड पूरी तरह से सामान्य हो चुका था। ऐसे में सामूहिक दुष्कर्म की वारदात होने पर ही सवाल उठता है।
2. कुछ लोग गाड़ी तोड़ कर महिला को उठाते हैं और उनको गैंगरेप के बाद ही पता चलता है कि यह महिला तो उनकी जानकार है, यह बात गाड़ी से खींचकर ले जाने से लेकर दुष्कर्म के पहले तक क्यों पता नहीं चली?
3. कहीं मुरथल के कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले की दिशा बदलने का प्रयास तो नहीं यह घटना?
रविवार को भी मीडिया की गई गाड़ियां जीटी रोड पर सुखदेव ढाबे के सामने खड़ी थी। इसी दौरान दोपहर लगभग 12 बजे कुछ ग्रामीण मीडिया कर्मियों के पास आ गए और उनसे इलाके को बदनाम न करने के लिए कहा।
हालांकि इसी दौरान कुछ देर के लिए मामला गर्म भी हो गया था, लेकिन जल्द ही सब शांत हो गए। इसके बाद कुछ मीडिया कर्मियों ने उन ग्रामीणों से वीडियो कैमरे पर बातचीत भी की, जोकि ये कह रहे थे, यहां ऐसा कुछ नहीं हुआ।