पंजाब के जलालाबाद स्थित अग्रवाल कॉलोनी निवासी रवि कुमार को चंडीगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में रेस्टोरेंट पब का बिजनेस शुरू करने के लिए साझेदारी में उसके ही अन्य पार्टनर ने करीब 75 लाख रुपये का चूना लगा दिया।
आरोपियों ने उससे अलग-अलग किस्तों में पैसे ले लिए और बाद में उसे इस बिजनेस में पार्टनरशिप ही नहीं दी। इसके बाद अब पुलिस को शिकायत दी गई है जिसके आधार पर पंजाब के फाजिल्का निवासी नरेश जसूजा, आयुष जसूजा, गुसुरेश डोगरा रप्रीत सिंह, और अमित मित्तल के खिलाफ औद्योगिक क्षेत्र थाने में धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता रवि कुमार ने बताया कि वर्ष 2018 में उसके ही रिश्तेदार नरेश जसूसा और उसके बेटे आयुष निवासी गुरुसर साहिब फिरोजपुर का फोन आया और उसे अपने साथ बिजनेस में पार्टनर बनने के लिए कहा। पिता-पुत्र ने रवि को उसके ही दोस्त गुरप्रीत विर्क निवासी पंजाब और चंडीगढ़ निवासी सुरेश डोगरा व अमित मित्तल के साथ मिलवाया। इन्होंने उसे रेस्टोरेंट पब शुरू करने के कारोबार में साझेदारी करने के लिए प्रेरित किया क्योंकि उन्हें इस कारोबार को शुरू करने के लिए करोड़ों रुपये के निवेश की आवश्यकता थी। इन्होंने आपस में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी का सुझाव रखा और शिकायतकर्ता को इस तरह से अपनी बातों में फंसा लिया।
आरोपियों ने उसे बताया कि इस बिजनेस को शुरू करने के लिए कुल पांच करोड़ रुपये लगेंगे और उन्हें अभी फिलहाल एक करोड़ रुपये की जरूरत है। बताया कि सभी लोगों ने इस कारोबार के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक इन्वेस्ट किए हुए है। वह इनकी बातों में फंस गया और उसने फर्म के नाम पर खोले गए दो खातों में अलग-अलग किस्तों में करीब 75 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
फर्म के खातों में आरोपियों के केवल पांच से 10 लाख रुपये ही जमा निकले
जुलाई 2019 में औद्योगिक क्षेत्र फेस-एक में रेस्टोरेंट पब शुरू किया गया लेकिन कुछ महीनों बाद ही रवि कुमार को कुछ शक हुआ और उसने अन्य साझेदारों को फर्म के दोनों खातों की बैलेंस शीट दिखाने के लिए कहा। लेकिन हर बार वह उसे किसी न किसी बहाने से टाल देते और बैलेंस शीट नहीं दिखाई। इसके बाद उसने अपने स्तर पर फर्म के दोनों खातों की बैलेंस शीट निकलवाई जिससे उसे पता चला कि पब खोलने की सांझेदारी में अकेले उसके 75 लाख जबकि अन्य साथियों के केवल पांच से 10 लाख रुपये ही इन्वेस्ट हो रखे थे। जबकि उसे बताया गया था कि उपरोक्त फर्म में केवल दो ही मौजूदा साझेदार सुरेश डोगरा उर्फ डीजे सूर्या और अमित मित्तल थे, जो पहले से एक दूसरे के साथ मिलकर साझेदारी कर रहे थे।
बैंक की डिटेल निकालने पर पता चला कि उसका फर्म के दोनों खातों में से किसी एक में भी नाम नहीं जुड़ा हुआ है। साथ ही उसे बाद में पता चला कि इस फर्म में पहले से ही चार साझेदार थे और उसे झूठ बोलकर पैसे इन्वेस्ट करवाए गए। इसके बाद हिसाब-किताब मांगने के चलते दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और सात महीने बाद फरवरी 2020 में ही उनका पब बंद हो गया।
पुलिस जांच में भी नहीं किया सहयोग तो दर्ज हुआ केस
इस मामले में आरोपियों ने जब रवि कुमार को कोई हिसाब-किताब नहीं दिया तो उसने रिश्तेदारी व दोस्ती को भूलकर वर्ष 2021 में एसएसपी को शिकायत दे दी जिसकी जांच बाद में औद्योगिक थाने में ट्रांसफर कर दी गई। पुलिस की ओर से आरोपियों को कई बार जांच में बुलाया गया और वह हर बार अगली तारीख पर हिसाब देने की बात कहकर निकल लेते थे। बाकायदा जांच के लिए पुलिस ने इन्हें कई बार नोटिस भी भेजे लेकिन उन्होंने पुलिस जांच में सहयोग करना नहीं किया। इसके बाद अब पुलिस ने शिकायत के आधार पर इन पांचों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले में जांच शुरू कर दी है।