वह भी अपने निजी काम के लिए अमृतसर गया था और सोमवार की सुबह सभी उसे अमृतसर में मिले। तब तेजिंदर सिंह समेत उक्त सभी लोग माथा टेकने के बाद वापस कार से लुधियाना जा रहे थे। कार तेजिंदर सिंह चला रहा था और वह उनके पीछे ऑल्टो कार में सवार होकर आ रहा था। सुबह करीब छह बजे का समय होगा, जब तेजिंदर सिंह की होंडा सिटी कार गांव हमीरा के पास पहुंची तो आगे एक कैंटर (पीबी-05एपी-9191) सड़क पर खड़ा था और सड़क पर ट्रैफिक होने के कारण तेजिंदर सिंह ने कार थोड़ा दाहिने काटी तो कैंटर से जा टकराई।
हादसा होता देख उसने अपनी ऑल्टो कार साइड में खड़ी कर होंडा सिटी के पास पहुंचा। देखा तो तेजिंदर सिंह की कार पूरी तरह से कैंटर में घुस चुकी थी और कार में बैठे उसके सभी रिश्तेदार व पारिवारिक सदस्य गंभीर रूप से जख्मी थे। राहगीरों की मदद से घायलों को कार से बाहर निकाला और करतारपुर सिविल अस्पताल भेजा।
हरभजन सिंह ने बताया कि जब वह सिविल अस्पताल करतारपुर पहुंचा तो पता लगा कि उसकी बहू मनप्रीत कौर, पोता परनीत सिंह, समधन सरबजीत कौर और उसकी बहू अमनदीप कौर और उसके पोते गुरफतेह सिंह को हालत नाजुक होने के चलते जालंधर सिविल अस्पताल रेफर कर दिया, जहां पर उनकी मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि हादसा कैंटर चालक की लापरवाही से हुआ है। कैंटर को सड़क पर खड़ा किया और पार्किंग लाइट नहीं जगाई। थाना सुभानपुर की पुलिस ने हरभजन सिंह के बयान पर कैंटर चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। वहीं जालंधर के एक अस्पताल में भर्ती बाकी घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है।