लघु सचिवालय के कोर्ट परिसर के मेन गेट के पास बनी पार्किंग में सोमवार को गांव खेड़ी बर्की निवासी 63 वर्षीय ज्ञानचंद और उनकी पत्नी 57 वर्षीय कमलेश ने जहर निगल लिया। गंभीर अवस्था में दोनों को एंबुलेंस की मदद से इलाज के लिए हिसार के नागरिक अस्पताल भेजा गया, जहां से उन्हें अग्रोहा रेफर किया गया। वहां से परिजन उन्हें हिसार के सपड़ा अस्पताल ले गए। वहां से उन्हें हिसार के चूड़ामणी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने दोनों के पास से सुसाइड नोट भी बरामद किया है।
यह लिखा सुसाइड नोट में
सुसाइड नोट में लिखा है कि उनके बेटे अनिल के ससुराल वाले उन्हें परेशान कर रहे थे। इस कारण उन्होंने जहर निगला। उन्होंने सुसाइड नोट में बेटे अनिल के ससुरालजनों के नाम भी लिखे हैं। मामले में पुलिस ने बताया कि उनके छोटे बेटे अनिल के ससुराल वाले दहेज के एक मामले को लेकर उन्हें तंग करते थे। उसी संबंध में वे आज एसपी कार्यालय भी आए थे। एसपी कार्यालय पहुंचने से पहले दोनों ने जहर निगल लिया। मामले में पुलिस ने बताया कि दोनों के शव को कब्जे में ले लिया है। पोस्टमार्टम के लिए हिसार नागरिक अस्पताल के शवगृह में भिजवाया है।
पुलिस ने दी जानकारी
पुलिस ने बताया कि गांव खेड़ी बर्की निवासी ज्ञानचंद ने अपने छोटे बेटे अनिल की शादी पटेल नगर हिसार में की थी। अनिल और उसकी पत्नी की आपस में अनबन के चलते उसकी पत्नी 7 महीने से पटेल नगर में अपने मायके में ही रह रही है। जिसके चलते 4-5 बार पंचायतें हो चुकी थी। दोनों पक्षों में कई बार मारपीट भी हो चुकी है। मामले में पुलिस ने बताया कि मृतक दंपती का बड़ा बेटा सुनील कुमार खेदड़ प्लांट में नौकरी करता है।
केंद्रीय भेड़ प्रजनन केंद्र से सेवानिवृत्त हुए थे ज्ञानचंद
पड़ोसी संतालाल ने बताया कि अनिल की पत्नी लंबे समय से अपने मायके में रह रही है। अनिल अपनी पत्नी व बच्चों को लाना चाहता था। उसके परिजन भेज नहीं रहे थे। अनिल गांव में ही परचून की दुकान चलाता था। उसकी पत्नी अपने 8 साल के लड़के को लेकर अपने साथ गई थी। अदालत में केस चल रहा था। आज सुबह दोनों तारीख पर गए थे। मृतक ज्ञानचंद केंद्रीय भेड़ प्रजनन केंद्र में भेड़ पालक के पद थे। तीन साल पहले ही सेवानिवृत्त हुए थे।