स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) की टीम ने क्रॉस बार्डर नारको टेररिज्म का पर्दाफाश करते हुए 12 किलो हेरोइन के साथ एक तस्कर को काबू किया है। पुलिस ने सूचना के बाद रविवार को आरोपी राहुल को उस समय पकड़ा जब वह मुरादपुरा गांव के पास होंडा इमेज कार में सवार होकर हेरोइन की खेप सप्लाई करने जा रहा था। यह हेरोइन ड्रोन के जरिये पाकिस्तान से मंगाई गई थी। सोमवार को पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि आरोपी के कुख्यात तस्कर रंजीत सिंह उर्फ चीता से भी संबंध हैं।
आरोपी की पहचान अमृतसर के नारायणगढ़ निवासी राहुल के रूप में हुई है। उन्होंने आरोपी की होंडा इमेज कार को भी कब्जे में ले लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी के दो लाख के इनामी यूएसए निवासी स्वर्ण सिंह से भी संबंध हैं। स्वर्ण सिंह 532 किलो हेरोइन बरामदगी के मामले में पकड़े गए तस्कर रंजीत सिंह चीता का भाई है। चीता इस समय अमृतसर की जेल में बंद है। स्वर्ण सिंह यूएसए से पंजाब में नारको टेररिज्म का नेटवर्क चला रहा है और उसी के जरिये उसके भाई चीता के संपर्क में होने बात सामने आई है।
एसएसओसी को इनपुट मिले थे कि पंजाब में ड्रोन जरिये हेरोइन की बड़ी खेप पहुंचाई गई है, जिसकी तस्कर सप्लाई करने वाले हैं। इसके आधार पर ही एसएसओसी की टीम ने 22 अक्तूबर को गांव मुरादपुरा के पास नाकेबंदी कर होंडा इमेज कार में नारायणगढ़ निवासी राहुल को काबू कर हेरोइन के एक-एक किलो के 12 पैकेट बरामद किए। एसएसओसी के एआईजी सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि आरोपी राहुल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
2019 में पाकिस्तान से आई थी हेरोइन की सबसे बड़ी खेप
पाकिस्तान से अब तक की सबसे बड़ी 2700 करोड़ रुपये की नशे की खेप एक जुलाई 2019 को इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) अटारी के रास्ते भारत पहुंची थी। कस्टम अधिकारियों ने पाकिस्तान से आए नमक के एक ट्रक से 532 किलो हेरोइन बरामद की थी। कस्टम विभाग ने हेरोइन के साथ 52 किलो नशे के कुछ पैकेट अलग से बरामद किए थे। इस मामले में हेरोइन तस्कर रंजीत सिंह चीता को मई 2020 में गिरफ्तार किया गया था और चीता का भाई स्वर्ण सिंह भी इस मामले में वांछित है। अब जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) कर रही है।