पुलिस ने इन पहलुओं पर जांच की
- ट्राइसिटी में पंजीकृत काली सेंट्रो कारों की लिस्ट खंगाली
- सभी थानों में चोरी हुई सेंट्रो कार की डिटेल खंगाली
- वारदात स्थल व आसपास का मोबाइल डंप डाटा उठाया
- पंजाब और हरियाणा के जेलों में बंद अपराधियों से पूछताछ
- अजीत जैन के रिश्तेदारों समेत करीबियों से भी पूछताछ
- परिजनों के बयान पर लुटेरे का स्केच तैयार किया गया
- टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया
- आसपास के राज्यों में सक्रिय गैंगों की डिटेल खंगाली गई
- चंडीगढ़ समेत आसपास के राज्यों के जेलों से पैरोल पर छूटे अपराधियों की लिस्ट खंगाली
- अजीत जैन के पास काम करने वाले पुराने व नए कर्मियों से पूछताछ
इन कारणों से पुलिस की जांच हुई बंद
- अंधेरे की वजह से सेंट्रो कार का पूरा नंबर सीसीटीवी में कैद न होना
- मोबाइल डंप डाटा से कोई सुराग न लगना
- ड्राइवर अविनाश के आत्महत्या से केस में बदलाव आना
- काले रंग की सेंट्रो कार की कोई डिटेल न मिलना
- पुलिस की मुखबिरी का नाकाम रहना
100 से ज्यादा चक्कर काटे, पुलिस ने कुछ नहीं किया : अजीत जैन
पीड़ित अजीत जैन का कहना है कि लूट की वारदात में आरोपियों ने उनके घर से करीब साढ़े चार करोड़ रुपये के आभूषण लूटे थे, जिसकी लिस्ट उन्होंने पुलिस को सौंपी थी। 9 जनवरी को पूरे तीन वर्ष हो गए हैं। ऐसा लगता है कि पुलिस इस केस को भूल चुकी है। पिछले तीन सालों में सेक्टर-34 थाना, क्राइम ब्रांच के अलावा आला अधिकारियों के पास 100 से ज्यादा चक्कर इसी उम्मीद से लगाए थे कि शायद अपराधियों को पकड़ने में पुलिस जल्दबाजी दिखाए, लेकिन उनसे सिर्फ एक ही लाइन सुनने को मिलती है कि अभी कोशिश जारी है, देखते हैं।
थाने व क्राइम ब्रांच में इनका हुआ तबादला
- डीएसपी दीपक यादव
- एएसपी निहारिका भट्ट
- एएसपी नेहा यादव
- एसएचओ अजय कुमार
- एसएचओ बलदेव कुमार
क्राइम ब्रांच
- डीएसपी पवन कुमार
- डीएसपी अमराव सिंह
- इंस्पेक्टर अमनजोत सिंह
- इंस्पेक्टर रंजीत सिंह
- इंस्पेक्टर शेर सिंह
अभी इस मामले की जांच चल रही है लेकिन ऐसा कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे अपराधियों तक पहुंचा जा सके। टीम आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। -राजीव अंबास्ता, डीएसपी, क्राइम ब्रांच, चंडीगढ़