आरोपियों ने खाता खोलने के लिए दस्तावेज ले लिए। इसके बाद उसे पता चला कि उसकी पत्नी के नाम पर ज्वाइंट खाता एचडीएफसी बैंक अहरवां में खुला हुआ है। जब वह बैंक में गया तो ब्रांच मैनेजर ने गलत व्यवहार किया और स्टेटमेंट नहीं दी। इसके बाद उसने फतेहाबाद ब्रांच में आकर स्टेटमेंट ली। स्टेटमेंट देखने में पाया गया कि 27 मई 2021 से 1 जुलाई 2021 तक 23 लाख 2 हजार 90 रुपये निकाले गए और 23 लाख 13 हजार 863 रुपये जमा करवाए गए।
पुलिस जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा
पुलिस के पास शिकायत आने के बाद जांच शुरू हुई तो उसमें फर्जीवाड़ा सामने आया। 16 जुलाई 2021 को मामले में पुलिस ने जांच शुरू की। इसमें सामने आया है कि 27 बैंक खाते अहरवां ब्रांच में खोले गए। इसमें संतोष का भी बैंक खाता खोला गया। इसमें 17,97,791 रुपये का लेनदेन किया गया। सभी बैंक खातों से 1,93,00268 रुपये का लेनदेन होना पाया गया। इन बैंक खातों को खुलवाने के लिए एक कंपनी की 30 सिम खरीदी गई।
ये खाते भंबाराम कालोनी निवासी नरेंद्र व जसवंत निवासी हरनाम सिंह कालोनी ने खुलवाए। दोनों ये कहकर खाते खोले की केंद्र सरकार की तरफ से उक्त खातों में दो-दो हजार रुपये आएंगे। आरोपी नरेंद्र के पास से 13 बैंक खातों की पासबुक, एटीएम और चार सिम मिली है। नरेंद्र ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि बैंक खातों के नंबर उसने दिल्ली निवासी सुखविंद्र को दे रखे थे। पुलिस ने सुखविंद्र के मोबाइल नंबर आईडी की जांच की तो वह बंगलुरु कर्नाटक की मिली।
खातों को बंगलूरू और जालंधर टीम करवा चुकी है फ्रीज
पुलिस जांच में सामने आया है कि जो खाते खोले गए थे उनमें से रवि कुमार, रविना व विक्की के खाते को बंगलूरू पुलिस ने फ्रीज करवा दिया है। इसके अलावा गुलशन, रवि कुमार, रवीना और संतोष के खाते को साइबर क्राइम यूनिट जालंधर ने 6 जुलाई 2021 को फ्रीज करवा दिया था।
संदीप और संतोष को दी क्लीन चिट
पुलिस ने जांच में संदीप और संतोष को क्लीन चिट दे दी है। इसके अलावा अभद्र व्यवहार के आरोप में ब्रांच मैनेजर अहरवां भरत भूषण के खिलाफ भी सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस ने जांच में कहा है कि संदीप और संतोष द्वारा धोखाधड़ी से रविना का खाता खुलवाने के आरोप नहीं मिले हैं।
इकनॉमिक्स सेल टीम ने इस मामले की जांच की है। जांच में जो सामने आया है उस आधार पर मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार करके आगे की जांच की जाएगी। गिरफ्तारी के बाद ही सामने आएगा कि इस गिरोह में कौन लोग शामिल हैं और किस लालच में ये धोखाधड़ी करते थे। - सुरेंद्रा, शहर थाना प्रभारी।