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बठिंडा: नकली डीजल बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 28 हजार लीटर बेस ऑयल के साथ चार गिरफ्तार

Mon, 19 Jul 2021 06:32 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)

सार

पंजाब के बठिंडा में पुलिस ने केमिकल से डीजल तैयार करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। 28 लीटर बेस ऑयल के साथ पुलिस ने चार आरोपियों को धर दबोचा है। वहीं दो की तलाश जारी है। आरोपी अशुद्ध डीजल को तैयार कर छोटी-छोटी गाड़ियों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में बेचकर मुनाफा कमा रहे थे। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुजरात से बेस ऑयल लाकर उसमें केमिकल मिला डीजल बनाकर बेचने वाले गिरोह के छह में से चार लोगों को पुलिस की स्पेशल स्टाफ विंग की टीम ने 28 हजार लीटर बेस आयल एवं टैंकर समेत काबू कर लिया है। इन आरोपियों पर थाना कनाल कालोनी में केस दर्ज किया गया है।

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पकड़े गए आरोपियों की पहचान जसविंदर सिंह निवासी गुरू की नगरी बठिंडा, कुलदीप सिंह निवासी गांव बंगी दीपा जिला बठिंडा, गुरसेवक सिंह निवासी गांव ठुठियांवाली जिला मानसा और हुसैन खान निवासी कोटडा राजस्थान के तौर पर हुई है। जबकि बाकी दो आरोपी सतनाम सिंह निवासी लुधियाना और मक्खन सिंह निवासी जैतो की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।

स्पेशल स्टाफ विंग की टीम के एसआई हरजीवन सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी, जिले में नकली डीजल बनाकर बेचने वाला गिरोह सक्रिय है। गिरोह बेस आयल गुजरात से खरीदकर लाते और इसमें केमिकल मिलाकर उसे डीजल बनाकर किसानों व विभिन्न स्थानों में सस्ते दाम पर बेचते थे। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने गिरोह को पकड़ने के लिए टीम का गठन कर दिया। 
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पुलिस टीम ने गिरोह को बठिंडा के रिंग रोड पर एक खाली जगह में बने मकान के अंदर से एक टैंकर और 28 हजार लीटर बेस आयल समेत चार आरोपियों को मौके से काबू कर लिया जबकि इनके बाकी दो साथी सतनाम एवं मक्खन की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए। पुलिस ने उक्त गिरोह के सभी छह आरोपियों के खिलाफ थाना कनाल में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है।

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की ओर से धान का सीजन होने के कारण बडे़ स्तर पर डीजल खरीदा जा रहा था। ये आरोपी नकली डीजल तैयार करके उसे छोटी-छोटी गाड़ियों से ग्रामीण क्षेत्रों में खपाने के लिए भेज देते थे। बेस आयल में केमिकल इस तरह से मिलाया जाता था कि लोग असली व नकली डीजल की पहचान नहीं कर पाते थे। ये ऊंचे दामों पर नकली डीजल बेचकर अपनी तो जेब भर लेते थे लेकिन इसके इस्तेमाल से लोगों के वाहनों के इंजन खराब हो रहे थे।

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