घरेलू विवाद में तैश में आए पंजाब पुलिस के एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) ने अपनी सर्विस कार्बाइन से अंधाधुंध गोलियां चलाकर पत्नी और बेटे की हत्या के बाद आत्महत्या कर ली। डीआईजी अमृतसर कार्यालय में तैनात भूपिंदर सिंह ने अपने पालतू कुत्ते को भी नहीं बख्शा और उसे भी गोली मार दी। दिल दहलाने वाली यह घटना थाना तिब्बड़ क्षेत्र के गांव भुंभली की है।
सुबह करीब साढ़े नौ बजे भूपिंदर सिंह का किसी बात पर अपने बेटे के साथ झगड़ा हो गया। वह कुछ दिनों में विदेश जाने वाला था। झगड़े के दौरान गुस्से में आकर भूपिंदर सिंह ने बेटे 19 वर्षीय बलप्रीत सिंह पर गोली चला दी। बलप्रीत की मां बचाव करने आगे बढ़ी तो भूपिंदर ने पत्नी बलजीत कौर पर भी अंधाधुंध गोलियां चला दीं। आवाज सुन घर पर पालतू कुत्ते ने भौंकना शुरू किया तो उसने कुत्ते को भी मार डाला। इसके बाद वह अपनी कार से भागने लगा लेकिन पड़ोस की महिला ने शोर मचा दिया। पकड़े जाने के डर से भूपिंदर महिला मंजीत को जबरदस्ती अपने साथ ले गया।
गांव के सरपंच परमजीत सिंह ने पुलिस को सूचित किया। गुरदासपुर के एसएसपी हरीश दयामा मौके पर पहुंचे और कंट्रोल रूम से संदेश जारी कर कार नंबर फ्लैश कर दिया। पुलिस ने कार का पीछा किया। जल्द ही उसकी लोकेशन मिल गई। वह बटाला के नवां पिंड में अपने किसी रिश्तेदार के घर में छिप गया था। पुलिस टीम वहां पहुंची और घर के बाहर घेरा डाल दिया।
पुलिस ने उसे समझाने का प्रयास किया और आत्मसमर्पण करने को कहा। काफी समझाने के बाद आखिरकार हत्यारे ने बंधक महिला को छोड़ दिया लेकिन शाम करीब छह बजे खुद गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने उसे सिविल अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बटाला शिफ्ट होना चाहता था आरोपी
एसएसपी हरीश दयामा ने बताया की आरोपी एएसआई बटाला में शिफ्ट होना चाहता था और इसी बात पर उसका बेटे से विवाद हुआ था। एसएसपी ने बताया कि हत्यारा काफी हड़बड़ा रहा था और डरा हुआ था। पुलिस ने काफी मेहनत के बाद बंधक महिला मंजीत कौर को छोड़ने पर राजी किया लेकिन उसने आत्महत्या कर ली।