टीकरी बॉर्डर पर कोरोना से जान गंवाने वाली बंगाली युवती से दुष्कर्म के आरोपी जगदीश सिंह बराड़ की अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
मंगलवार को जैसे ही जगदीश की याचिका पर सुनवाई आरंभ हुई तो हरियाणा सरकार ने जमानत का विरोध किया। राज्य सरकार के वकील ने कहा कि याची पर गंभीर आरोप हैं और मामले की जांच जारी है। यदि याची को जमानत का लाभ दिया गया तो वह जांच को प्रभावित कर सकता है।
वहीं, याची पक्ष की ओर से कहा गया कि इस मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं है और उसे फंसाया जा रहा है। याची पक्ष ने कहा कि वह जांच में सहयोग करने को पूरी तरह से तैयार है, लेकिन उसे हिरासत में न रखा जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। इससे पहले हाईकोर्ट इस मामले में अन्य दो आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज कर चुका है।
यह भी पढ़ें: नारनौल: बिमला मर्डर केस में गैंगस्टर पपला गुर्जर को उम्रकैद, छह साल बाद मिला परिवार को इंसाफ
यह है मामला
बातचीत की रिकार्डिंग पुलिस को देते हुए पिता ने बताया था कि जब उसकी बेटी ट्रेन से टीकरी बॉर्डर की ओर जा रही थी तो आरोपियों ने उससे छेड़छाड़ की थी। इसके बाद टीकरी बॉर्डर पहुंचने पर उसे अंकुर, अनूप व अन्य के साथ टेंट साझा करना पड़ा था। वे इस दौरान लगातार दबाव बनाते हुए उसे ब्लैकमेल कर रहे थे। पिता ने बताया था कि इस बारे में उसने अपनी साथियों से भी बात की थी। इसके बाद पीड़िता कोरोना से संक्रमित हो गई और जिसके चलते उसकी मौत हो गई थी। पीड़िता के पिता की शिकायत पर बहादुरगढ़ पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।