उत्तर प्रदेश और पंजाब में दो डबल मर्डर समेत आठ हत्याओं की वारदात को अंजाम देने वाले एक आरोपी को जिला पुलिस ने काबू करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने उत्तर प्रदेश के जिला सिकंदराबाद और लुधियाना व अमृतसर में हत्याएं की हैं। पुलिस कई साल से आरोपी का पता लगाने में जुटी हुई थी।
लुधियाना डबल मर्डर और अपनी रिश्तेदार महिला की हत्या करने के मामले में आरोपी का एक साथी भी शामिल है। वह अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। आरोपी की पहचान जगरांव के मोहल्ला अगवाड़ गुज्जरां निवासी बलदेव सिंह उर्फ हरभजन सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपी बलदेव सिंह को वीरवार अदालत में पेश किया। वहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस नवीन सिंगला ने वीरवार को बताया कि आरोपी बलदेव सिंह साइको है। वह साइकिल रिपेयर की दुकान पर काम करता था। वह हर व्यक्ति से छोटी से छोटी बात पर झगड़ा कर लेता था। अप्रैल 2004 में वह उत्तर प्रदेश के आगरा के सिकंदराबाद इलाके में किराए के मकान में रहता था।
वहां पर मामूली बात पर हुए झगड़े में आरोपी अपने मकान मालिक दंपति की हत्या कर फरार हो गया। उसके बाद आरोपी ने अगले दिन बस स्टैंड के पास से टैक्सी किराए पर ली। जब वे शहर से बाहर निकले तो आरोपी ने ड्राइवर की हत्या कर शव को खाली प्लॉट में फेंक दिया। बाद में कार लेकर फरार हो गया।
इसके बाद कार का एक्सीडेंट हो गया और आरोपी वहां से कार छोड़कर फरार हो गए। वहां से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर आरोपी बलदेव सिंह ने अपने साथियों के साथ मिल कर दूसरी टैक्सी की। कुछ दूरी पर जाने के बाद आरोपी ने टैक्सी ड्राइवर की हत्या कर गाड़ी लेकर फरार हो गया, लेकिन उक्त गाड़ी का भी एक्सीडेंट हो गया और आरोपी वहां से भाग निकले
इसके बाद आरोपी बलदेव उत्तरप्रदेश छोड़कर अमृतसर में रहने लगा। वहां पर आरोपी पेंट की दुकान करने वाले व्यक्ति की हत्या कर फरार हो गया। आरोपी ने जाते समय उसका स्कूटर भी लूट लिया था। पुलिस के हाथ न आने से अदालत ने आरोपी को भगोड़ा करार दे दिया।
बाद में बलदेव लुधियाना के मंगल सिंह नगर के इलाके में रहने लगा। आरोपी जिस घर में रहता था उक्त मकान की मालकिन काफी बुजुर्ग थी। आरोपी बलदेव ने गला दबा कर उसकी हत्या की और उससे जेवरात लूट कर फरार हो गया। यही नहीं आरोपी ने अपने साथी बलजिंदर के साथ मिल अपनी ही एक रिश्तेदार महिला और उसके 17 वर्षीय बेटे की गला दबा कर हत्या कर दी थी। उनके जेवरात व नकदी लूट कर फरार हो गए। आरोपी बलदेव ने अपनी पहचान बदली और इलाके में इंद्रजीत सिंह के नाम से रहने लगा।
आरोपी ने पैसा कमाने के लिए नशा तस्करी का रास्ता चुना, लेकिन वह साल 2012 में एंटी नार्कोटिक्स विभाग के हाथ में चढ़ गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक किलो अफीम बरामद की। पुलिस को आरोपी के बारे में कुछ भी पता नहीं चला। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को जेल भेज दिया और कुछ समय बाद वह जेल से जमानत पर रिहा हो गया।
आरोपी ने बाहर आने के बाद साइकिल रिपेयर की दुकान पर काम करना शुरू कर दिया। कुछ दिन पहले पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी ने आठ हत्याएं की है और आरोपी नाम बदल कर रह रहा है। पुलिस ने आरोपी को गुप्त सूचना के आधार पर उसे बुधवार को गिरफ्तार किया और पूछताछ के दौरान आरोपी ने सारी बातें बताईं।