ईशा हत्याकांड के आरोपी ट्रैवलिंग एजेंसी संचालक मनीष कठेरिया को शुक्रवार को काकादेव पुलिस रिमांड पर लेगी। कोर्ट ने मनीष की तीन दिन की कस्टडी रिमांड दी है। पुलिस अफसर मनीष से पूछताछ कर जानने की कोशिश करेंगे कि ईशा की हत्या कहां और कैसे की गई। उसका सिर कहां फेंका गया। हत्यारोपी दारोगा कहां छिपा है। इधर, शहर की स्मार्ट पुलिस का सर्विलांस और मुखबिर तंत्र फेल हो गया है। वारदात के 16 दिन बाद भी हत्यारोपी दरोगा का सुराग नहीं लगा है।
ईशा अपहरण एवं हत्याकांड की विवेचना कर रहे काकादेव एसओ उदय प्रताप यादव ने जेल में बंद मुख्य हत्यारोपी दरोगा ज्ञानेंद्र सिंह के दोस्त मनीष कठेरिया की रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी। कोर्ट ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलील सुनी। इसके बाद मनीष कठेरिया की तीन दिन की कस्टडी रिमांड दे दी। एसओ शुक्रवार की सुबह जेल जाकर मनीष को कस्टडी रिमांड पर लेेंगे। इसके बाद तीन दिन तक उससे विवेचक और अन्य पुलिस अफसर मनीष से अलग-अलग पूछताछ करेंगे। इधर, आला पुलिस अफसर और एसओ लगातार दावा कर रहे हैं कि पुलिस टीमें दरोगा ज्ञानेंद्र सिंह की तलाश में जुटी है। दरोगा के आगे काकादेव पुलिस और क्राइम ब्रांच, सर्विलांस सेल का पूरा सिस्टम फेल हो गया है। वह लगातार पुलिस को चकमा देने में सफल हो रहा है।
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यह है मामला
18 मई को दरोगा कार से नवीन नगर काकादेव निवासी अपनी दूसरी पत्नी ईशा को कूष्मांडा देवी मंदिर दर्शन कराने के बहाने ले गया था। 19 मई को कौशांबी के महेवा घाट थाने के पास ईशा का धड़ मिला। सिर का अभी तक पता नहीं है। इस मामले में दरोगा, मनीष कठेरिया और साथियों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज है। मनीष ने शुक्रवार को सीएमएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। अर्जुन और उसकी प्रेमिका को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।