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Covid-19 JN-1 Variant: जालंधर में कोरोना से हुई पहली मौत, सभी जिलों में अलर्ट जारी; RTPCR की टेस्टिंग शुरू

Sat, 23 Dec 2023 09:42 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़

सार

अस्पताल में उसका कोरोना टेस्ट करवाया गया, जिसमें वह पॉजिटिव पाई गई थी। जालंधर प्रशासन ने इसकी अधिकारिक सूचना होशियारपुर प्रशासन को भेज दी है। वहीं, पठानकोट में आरटीपीसीआर टेस्टिंग शुरू कर दी गई है। जालंधर में विशेष चौकसी बरती जा रही है।
 
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कोरोना से एक मरीज की मौत हो गई है। - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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जालंधर के एक प्राइवेट अस्पताल में शुक्रवार को कोरोना के नए वैरिएंट जेएन-1 से राज्य में पहली मौत के बाद बाद अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 60 वर्षीय महिला होशियारपुर की रहने वाली थी। वह कोरोना पॉजिटिव थी और उसे तेज बुखार के साथ सांस लेने में काफी तकलीफ थी। इसके अलावा उसे शुगर भी थी। वह होशियारपुर के गांव शेरपुर से अपना इलाज करवाने के लिए जालंधर के निजी अस्पताल पहुंची थी।

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अस्पताल में उसका कोरोना टेस्ट करवाया गया, जिसमें वह पॉजिटिव पाई गई थी। जालंधर प्रशासन ने इसकी अधिकारिक सूचना होशियारपुर प्रशासन को भेज दी है। वहीं, पठानकोट में आरटीपीसीआर टेस्टिंग शुरू कर दी गई है। कोविड से निपटने के लिए पठानकोट व अमृतसर में आइसोलेशन वार्ड भी तैयार कर दिए गए हैं। पठानकोट के एसएमओ डॉ. सुनील चंद के मुताबिक, सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन से लेकर सभी प्रकार की तैयारी मुकम्मल कर ली गई है। जालंधर में विशेष चौकसी बरती जा रही है।

जालंधर के महामारी विभाग के प्रमुख डॉ. आदित्य का कहना है कि जालंधर में कोई भी एक्टिव केस नहीं पाया गया है। फिर भी अस्पतालों में डॉक्टर, पैरामेडिकल और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को अनिवार्य रूप से मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। मरीजों और उनके तीमारदारों को अनिवार्य रूप से मास्क पहनना होगा और अन्य सावधानियों का पालन करना होगा। जालंधर में करीब आठ माह बाद कोरोना से मौत हुई है। हालांकि जालंधर में एक 46 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना पॉजिटिव होने की खबर भी फैली लेकिन डॉ. आदित्य ने इसकी पुष्टि नहीं की है। फिर भी एहतियात के तौर पर जालंधर के सिविल अस्पताल में मरीजों के लिए तैयारियां कर ली गई हैं। चार बेड का आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है।
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अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में भी कोरोना रोगियों के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड का प्रबंध किया गया है। सिविल अस्पताल में भी एक आइसोलेशन वार्ड स्थापित कर दिया गया है। अमृतसर में कोरोना का कोई मामला रिपोर्ट नहीं हुआ है, लेकिन सर्दी जुकाम, बुखार और कमजोरी को लेकर काफी संख्या में रोगी इलाज के लिए आ रहे हैं। अमृतसर के एक दर्जन के करीब निजी अस्पतालों को भी आइसोलेशन वार्ड स्थापित करने को कहा गया है। सिविल सर्जन डाॅ. विजय कुमार ने बताया कि लोगों को अपील की जा रही है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहन कर ही जाएं। उधर, जालंधर के सिविल सर्जन डॉ. जगदीप चावला ने कहा कि जालंधर के सिविल अस्पताल में मरीजों के लिए तैयारियां कर ली गई हैं। चार बेड का आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है। शहर में बुखार-खांसी के पहले करीब 90 मरीज रोजाना आ रहे थे। मगर अब ये गिनती 185 के करीब पहुंच गई है।

थकान, बुखार के साथ सांस फूल रही है तो अस्पताल जाएं
डॉ. धीरज भाटिया का कहना है कि बिना मास्क के संक्रमित लोगों के और बहुत बंद वातावरण में रहने से बचें, क्योंकि किसी संक्रमित व्यक्ति के लंबे समय तक संपर्क में रहने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। खुली जगह में रहने की कोशिश करें। अगर आपमें थकान, लंबे समय तक बुखार या सांस फूलने जैसे कुछ चेतावनी वाले लक्षण हैं तो अस्पताल जाएं। उन्होंने कहा कि हमें यह समझना होगा कि सांस संबंधी अन्य संक्रमण अब सर्दियों में फैल रहे हैं और इसलिए ये सावधानियां हमें इन्फ्लूएंजा और सामान्य सर्दी के खिलाफ सभी प्रकार के संक्रमण से बचाने में मदद करेंगी ताकि हम स्वस्थ रह सकें।

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