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मार्केट की पार्किंग से चोरी वाहन के जिम्मेदार नहीं होंगे निगम और कमेटी

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चंडीगढ़। नगर निगम ने बुधवार को शहर की 21 मार्केटों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर पार्किंग के मामले पर चर्चा की। इस दौरान मार्केट की पार्किंग संचालित करने के समझौते पर अंतिम मुहर लग गई। निगम जल्द ही सभी मार्केट प्रधानों को मेल पर समझौता पत्र भेजकर हस्ताक्षर करवाएगा। इस दौरान पेड और निशुल्क दोनों तरह की पार्किंग का समझौता पत्र भेजने की मांग को भी स्वीकार कर लिया गया। वहीं तय किया गया कि मार्केट से चोरी होने वाले वाहनों की जिम्मेदारी न नगर निगम की होगी और ही मार्केट कमेटी की।
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अतिरिक्त आयुक्त एसके जैन के साथ शहर की 21 मार्केट कमेटियों के प्रतिनिधियों ने चर्चा की। जैन ने बताया कि 28 फरवरी 2019 को सदन के फैसले के अनुसार मार्केटियां ही पार्किंग का संचालन करेंगी। पिछली बैठक में इससे जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान जो समझौता पत्र कमेटियों के सामने रखा गया, उसके मुताबिक, कमेटी लोगों से पार्किंग शुल्क ले सकती है, लेकिन वाहन चोरी या खो जाने पर नगर निगम जिम्मेदार नहीं होगा। जिम्मेदारी कमेटी की होगी। इस पर व्यापारियों ने भी आपत्ति जताई। अब बुधवार को हुई बैठक में तय हुआ है कि प्राथमिक तौर पर वाहन चोरी की जिम्मेदारी न तो नगर निगम लेगा और न ही मार्केट कमेटी, लेकिन व्यक्ति अदालत चला गया तो पार्टी मार्केट कमेटी बनेगी। क्योंकि पार्किंग शुल्क कमेटी ले रही है। इस पर दोनों पक्षों में सहमति बन गई।
पहले चार घंटे के लिए दो और 5 रुपये का शुल्क
89 पेड पार्किंग के बाद अब मार्केट की पार्किंगों में गाड़ी लगाने के लिए भी लोगों को शुल्क देना होगा। यहां पहले चार घंटे के लिए दोपहिया वाहन चालकों को दो रुपये और चारपहिया वाहन चालकों को पांच रुपये देने होंगे। चार घंटे बाद दोपहिया वाहन चालकों को 10 और चारपहिया वाहन चालकों से 20 रुपये वसूले जाएंगे। पिक एंड ड्रॉप की सुविधा भी पार्किंग में रहेगी, ताकि लोग सस्ते दाम समझकर मार्केट की पार्किंग पर पूरे दिन के लिए कब्जा न करें।
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इन नई शर्तों के साथ समझौते को मिली मंजूरी
- दो साल के लिए मार्केट कमेटी निगम से करेगी समझौता। एक साल का समय बढ़ाया जा सकता है
- मार्केट में आने वाले लोगों से कमेटी शुल्क ले सकेगी
- पार्किंग फीस की शिकायत पर निगम किसी कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगा
- पार्किंग में कमेटी सदस्य व ग्राहक ही गाड़ी खड़ी कर सकेंगे
- पार्किंग में ज्यादा से ज्यादा वाहन रखने होंगे
- तीसरे व्यक्ति को मार्केट कमेटी पार्किंग का ठेका नहीं देगी
- दुर्व्यवहार की घटना या अव्यवस्था रोकने के लिए किसी जिम्मेदार को नियुक्त करना होगा
- पार्किंग निगम की संपत्ति है। इसे किसी प्रकार से कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा
- लोगों का शोषण नहीं होना चाहिए। वाहन प्रवेश और निकासी की व्यवस्था हो
- सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक पार्किंग का संचालन होगा
- निगम के अधिकारी कभी भी पार्किंग का निरीक्षण कर सकेंगे
- नगर निगम कभी भी कमेटी से समझौता खत्म कर सकता है
- पार्किंग में किसी तरह विज्ञापन नहीं लगाया जा सकता
- पार्किंग में पानी या बिजली कनेक्शन का अलग शुल्क देना होगा
- किसी विवाद की स्थिति में चंडीगढ़ अदालत में निपटारा होगा
- कमेटी के नेतृत्व में निगम पार्किंग में सफाई कराएगा
किस मार्केट कमेटी से कौन रहा शामिल
अश्वनी खन्ना (सेक्टर 32 डी), नरेश महाजन (सेक्टर 23 सी), अनिल वोहरा (सेक्टर 44 डी), जतिंदर सिंह (सेक्टर 20 सी), गुरिंदर सिंह (सेक्टर 27 सी), विनोद खोसला (सेक्टर 27 सी), विकास बंसल (सेक्टर 22 डी), अमित जैन (एनएसी मार्केट मनीमाजरा), दिवाकर सनूजा (सेक्टर 11 डी), बीके मलिक (सेक्टर 8 बी), नवीन गुप्ता (सेक्टर 21 सी), तजिंदर सिंह (सेक्टर 19 डी), रामलाल (सेक्टर 45 बी), संजीव चड्ढा (सेक्टर 17 डी), नरेंद्र सिंह (सेक्टर-19 सदर मार्केट), अजय जोशी (सेक्टर 22 ए), पवन कुमार (सेक्टर 21 सी), संदीप बंसल (सेक्टर 36 डी), अनुज सहगल (सेक्टर 36), बलविंदर सिंह (सेक्टर 46 सी), मोहिंदर बरेटा (सेक्टर 35 सी) मौजूद रहे।
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