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शीतकालीन सत्र: विधानसभा में प्रवेश के लिए टीकाकरण जरूरी, वैक्सीन नहीं लगी तो लानी होगी आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट

Sat, 04 Dec 2021 01:14 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

शीतकालीन सत्र को लेकर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने दिशा निर्देश जारी कर दिया है। विधानसभा में आने वालों विधायकों और कर्मचारियों को कोरोना का टीका लगवाना अवाश्यक है। अगर किसी कारण से टीकाकरण नहीं हो पाया है तो आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट लानी होगी।
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टीकाकरण - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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हरियाणा विधानसभा में 17 दिसंबर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में भाग लेने वाले विधायकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कोविडरोधी टीकाकरण अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता के निर्देश पर विधानसभा सचिवालय की ओर से सभी विधायकों और प्रदेश सरकार के सभी विभागों को सूचित किया गया है। 

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नए निर्देशों के मुताबिक सत्र में भाग लेने वाले विधायकों और अधिकारियों को कम से कम एक कोविड रोधी इंजेक्शन लगा होना चाहिए। जो किन्हीं भी कारणों से 17 दिसंबर तक इजेक्शन नहीं लगवा पाएंगे उन्हें अपने साथ कोविड टेस्ट आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट लानी होगी। 

विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए नए दिशानिर्देश तैयार किए जा रहे हैं। इनके तहत विधान भवन में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए कोविड रोधी पहला इंजेक्शन लगवाना अनिवार्य है। विस अध्यक्ष ने सत्र संबंधी कार्यों से विधान भवन आने वाले सभी आगंतुकों से आग्रह किया है कि अगर उन्होंने पर्याप्त समय पूर्व कोविड का पहला टीका लगवा लिया है, वे दूसरा भी लगवाएं।
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शीतकालीन सत्र की अवधि पर 16 दिसंबर को लगेगी मुहर
हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र की अवधि पर 16 दिसंबर को मुहर लगेगी। विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने दोपहर 12 बजे कार्य सलाहकार समिति की बैठक बुलाई है। स्पीकर अपने कक्ष में बैठक की अध्यक्षता करेंगे। उनके अलावा बैठक में सीएम मनोहर लाल, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, गृह मंत्री अनिल विज, संसदीय कार्य मंत्री कंवर पाल, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा व डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा मौजूद रहेंगे।

सरकार ने मंत्रिमंडल बैठक में निर्णय लेते हुए 17 से 21 दिसंबर तक सत्र की अवधि प्रस्तावित की है। 17 को दोपहर बाद 2 बजे सत्र की कार्यवाही शुरू होगी। 18 व 19 को अवकाश रहेगा। 20 व 21 को सदन की कार्यवाही चलेगी। कार्य सलाहकार समिति अपनी बैठक में विधायी कार्य को देखते हुए सत्र की यही अवधि रखने या बढ़ाने पर निर्णय लेगी। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस अनेक ज्वलंत मुद्दे होने के कारण सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग रखने वाली है। जबकि, सरकार विधायी कार्य पर जोर देते हुए मंत्रिमंडल की प्रस्तावित अवधि पर ही मुहर लगवाने के प्रयास में है।

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