समानांतर विधानसभा सत्र चलाते कांग्रेस विधायक।
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस विधायकों ने सदन से बाहर जाने के बाद विधानसभा परिसर में ही समानांतर सत्र चलाकर राज्य सरकार का विरोध किया। इस दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा को स्पीकर बनाया गया। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि विधानसभा सत्र के पहले दिन मार्शल के जरिए कांग्रेस विधायकों को बाहर निकालना लोकतंत्र की हत्या करने के समान है।
मान सरकार ने सांविधानिक व्यवस्था के उलट विधानसभा का सत्र बुलाया था। जिसे राज्यपाल पुरोहित ने सही तौर पर रद्द कर दिया था। बाजवा ने कहा कि विपक्षी दलों ने कभी भी पंजाब सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग नहीं की। इसलिए सदन में अपना बहुमत साबित करने की कोई जरूरत नहीं थी और यह पूरी तरह गैर-सांविधानिक है।
मैंने विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को पत्र भेजकर सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए हर संभव समर्थन देने का वादा किया है क्योंकि विपक्ष पंजाब से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा करना चाहता है लेकिन अफसोस है कि अध्यक्ष ने मनमाने ढंग से कांग्रेस विधायकों को विधानसभा से बाहर कर दिया।
ऑपरेशन लोटस जैसी कोई चीज नहीं
बाजवा ने कहा कि वह पहले दिन से कह रहे हैं कि ‘ऑपरेशन लोटस’ जैसी कोई चीज नहीं है और यह पंजाब के लोगों के वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए बनाई गई भगवंत मान सरकार की एक कल्पना है। वास्तव में आप और भाजपा दोनों हिमाचल प्रदेश और गुजरात विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एक दोस्ताना खेल खेल रहे हैं। हम अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान को अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए पंजाब के संसाधनों का इस्तेमाल नहीं करने देंगे।