बाजवा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हाल ही में पंजाब विधानसभा के चार दिवसीय सत्र में भी इस मुद्दे को उठाया था लेकिन भगवंत मान के नेतृत्व वाली बेंच ने भ्रष्ट मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। बाजवा ने कहा हमने पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधावां को भी मनाने की कोशिश की कि विपक्ष को फौजा सिंह सरारी की भ्रष्ट प्रथाओं पर पूरी तरह से बहस करने की अनुमति दी जाए लेकिन उन्होंने ने बहुत ही तुच्छ आधार पर इसका खंडन कर दिया।
बाजवा ने भगवंत मान को पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विजय सिंगला की याद दिलाई, जिन्हें बर्खास्त कर दिया गया था और बाद में केवल एक ऑडियो क्लिप पर गिरफ्तार किया गया था, जिसे आप सरकार ने कभी सार्वजनिक नहीं किया। हालांकि यह अलग बात है कि विजय सिंगला को आप का पूरा समर्थन मिलता रहा और उन्हें अभी तक पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त नहीं किया गया है।
यह सामान्य ज्ञान है कि राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भी फौजा सिंह सारारी और तरसेम लाल कपूर के बीच शांति कायम करने की कोशिश की। बाजवा ने कहा कि इसका मतलब है कि भ्रष्ट मंत्री के खिलाफ कार्रवाई के बजाय राघव चड्ढा सरारी और कपूर के बीच एक समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं ।