मुख्यमंत्री मान अपनी सांविधानिक जिम्मेदारियों की कर रहे उपेक्षा: अश्वनी शर्मा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के चंडीगढ़ आगमन पर राज्यपाल की ओर से राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की अनुपस्थिति पर भाजपा पंजाब के प्रदेशाध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री मान न केवल अपनी सांविधानिक जिम्मेदारियों की उपेक्षा कर रहे हैं, बल्कि उनके मंत्री और विधायकों का भी यही हाल है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
अश्वनी शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा संविधान के उल्लंघन का यह पहला मामला नहीं है। ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है। हाल ही में राज्यपाल ने विधानसभा सत्र संबंधी जानकारी के लिए मुख्यमंत्री से जवाब मांगा तो मुख्यमंत्री द्वारा गलत जानकारी मुहैया करवाना सबके सामने है। सीएम पंजाब को राम भरोसे छोड़कर अन्य चुनावी राज्यों में प्रचार करने में व्यस्त हैं, जबकि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बदतर हो चुकी है।
अश्वनी शर्मा ने कहा कि राष्ट्रपति भारतीय वायुसेना के स्थापना दिवस के समारोह में विशेष रूप से उपस्थित हुई थीं। उनके आगमन पर भगवंत मान का उपस्थित होना मुख्यमंत्री की सांविधानिक जिम्मेदारी थी लेकिन सीएम की अनुपस्थिति से पता चलता है कि पंजाब सरकार राज्य के प्रति कितनी जिम्मेदार है।
एमएसपी पर गुजरात के किसानों से झूठ न बोलें केजरीवाल: शिअद
शिरोमणि अकाली दल ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। पूर्व मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब में आप की सरकार मूंग और मक्का दोनों पर एमएसपी देने का वादा करके मुकर गई।
चीमा ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अरविंद केजरीवाल गुजरात में दावा कर रहे हैं कि पंजाब में आप की सरकार पांच फसलों पर एमएसपी दे रही है और गुजरात में सरकार बनने पर यही फार्मूला दोहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि केंद्र सरकार भारतीय खाद्य निगम के माध्यम से पंजाब में एमएसपी पर गेहूं और धान की खरीद कर रही है। इसी प्रकार कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया कपास की खरीद करता है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से मूंग की बुवाई करने का आग्रह किया था और प्रति क्विंटल 7,250 रुपये में खरीदने का वादा किया था लेकिन उन्होंने इस फसल का दस फीसदी भी नहीं खरीदा। पंजाब सरकार भी इसी तरह मक्का की फसल खरीदने से मुकर गई तथा किसानों को उनके भाग्य के सहारे छोड़ दिया।