चंडीगढ़। पीयू के विधि विभाग समेत कानून के कई शिक्षण संस्थानों की ओर से आयोजित व्याख्यान में कानून और न्याय मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव मनाने का उद्देश्य है कि आम आदमी को त्वरित न्याय मिले।
ऑनलाइन आयोजित व्याख्यान में कानून और न्याय मंत्री ने कहा कि भारत एक बढ़ता हुआ देश है और युवाओं को मध्यस्थ के रूप में आगे आना चाहिए, क्योंकि हमारे देश को मध्यस्थता और मध्यस्थता का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आइए आज देश में एक मजबूत कानूनी व्यवस्था बनाने का संकल्प लें। उन्होंने छात्रों से अपने करिअर के प्रति समर्पित रहने और इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से जुड़े होने पर गर्व महसूस करने का आग्रह किया।
उन्होंने याद किया कि कैसे पहले के दिनों में ज्यादातर अरुणाचल प्रदेश के लोग पंजाब विश्वविद्यालय से शिक्षा लेते थे और यह उनके दिल में एक विशेष स्थान रखता है। उन्होंने बताया कि लॉ की पढ़ाई करने वाले छात्रों का भविष्य उज्ज्वल होगा, क्योंकि उनके लिए कई अवसर आ रहे हैं।
वीसी प्रो. राज कु मार ने शिक्षा और खेल में पीयू की विभिन्न उपलब्धियों की जानकारी दी। विधि विभाग के अध्यक्ष प्रो. देविंदर सिंह और यूआईएलएस की चेयरपर्सन डॉ. राजिंदर कौर ने अपने-अपने विभागों के बारे में बताया। प्रो. एचएस बैंस निदेशक पीयूआरसी होशियारपुर ने सभी का आभार जताया।