हरियाणा में उद्योगों और कामर्शियल उपभोक्ताओं के लिए बिजली महंगी हो गई है। हरियाणा बिजली नियामक आयोग ने यह आदेश पारित किया है। उत्तर हरियाणा और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगमों की सालाना राजस्व जरूरत (एआरआर) का फैसला सुनाते समय आयोग ने घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को महंगी बिजली से छूट दी है।
हरियाणा बिजली नियामक आयोग के चेयरमैन आरएन पराशर, सदस्यों जगजीत सिंह और एमएस पुरी ने अपने आदेश में 20 किलोवाट से ज्यादा लोड वाले कामर्शियल उपभोक्ताओं, इंडस्ट्री के लो टेंशन (एलटी) वाले सारे और एचटी के 50 किलोवाट से ज्यादा लोड वाली इंडस्ट्री में बिजली को 50 पैसे प्रति यूनिट महंगी कर दी है।
बढ़ी दरें एक अप्रैल, 2014 से लागू की गई हैं। एआरआर पर फैसला 31 मार्च तक सुनाना होता है मगर चुनाव आचार संहिता के कारण यह आदेश अब सुनाया गया है।
50 पैसे प्रति यूनिट महंगी हुई बिजली
खास बात यह है कि दोनों बिजली वितरण निगमों ने बिजली दरें न बढ़ाने का आग्रह किया था मगर आयोग ने बिजली दरें बढ़ाने का फैसला किया।
सिंगल सप्लाई वाले ग्रुप हाउसिंग के उन फ्लैट मालिकों के लिए भी 50 पैसे प्रति यूनिट बिजली महंगी हो गई है जो 801 से ज्यादा यूनिट हर महीने खर्च करेंगे।
आयोग ने 50 पैसे प्रति यूनिट बिजली इंडस्ट्री और कामर्शियल के अलावा रेलवे, मेट्रो, होर्डिंग्स, स्ट्रीट लाइट, सरकारी संस्थानों के लिए की है।
ये होंगे बिजली के नए रेट
20 से 50 किलोवाट तक---------------------650 पैसे जमा 150 रुपये प्रति किलोवाट फिक्स्ड महीना
50 से 70 किलोवाट तक---------------------675 पैसे जमा 160 रुपये प्रति किलोवाट फिक्स्ड महीना
50 किलोवाट से ऊपर एचटी------------------635 पैसे जमा 160 रुपये प्रति किलोवाट फिक्स्ड महीना
इंडस्ट्री (एलटी) 50 मेगावाट तक--------------580 से 545 पैसे तक जमा फिक्सड चार्जेज महीना
इंडस्ट्री (एचटी) 50 मेगावाट से ज्यादा----------635 से 660 पैसे तक जमा फिक्स्ड चार्जेज महीना
बाहर से बिजली खरीदने पर कम पैसा देना होगा
अगर इंडस्ट्री के उपभोक्ता बाहर से बिजली खरीदेंगे तो उन्हें पहले के बजाय कम पैसा देना होगा। पीक लोड में अगर वे 50 फीसदी बिजली खरीदेंगे तो उन्हें एक रुपये और 50 फीसदी से ज्यादा खरीदने पर 1.50 रुपये प्रति यूनिट अतिरिक्त चार्ज देना होगा। अब तक 1.90 रुपये प्रति यूनिट का अतिरिक्त चार्ज है।