केंद्रीय मंत्री व भाजपा सांसद मेनका गांधी ने चंडीगढ़ की सोसायटी फॉर द प्रीवेंशन ऑफ क्रयूलिटी टू एनिमल (एसपीसीए) के अध्यक्ष डॉ.जेसी कोचर को फोन कर फटकार लगाई। मेनका ने डॉ.कोचर पर आरोप लगाया कि वे जबरदस्ती कुत्तों की नसबंदी करवा रहे हैं और वे ये काम पैसों के लिए कर रहे हैं।
इतना ही नहीं मेनका ने उन्हें यह भी कहा कि वे चंडीगढ़ आकर उन्हें जेल करवाएंगी। इस बात से नाराज होकर डॉ. कोचर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। शुक्रवार को उन्होंने एडवाइजर केके शर्मा के ऑफिस में जाकर अपना इस्तीफा सौंप दिया।
शहर में कुत्तों की नसबंदी का कामकाज मुख्य रूप से एसपीसीए के पास ही है। एसपीसीए को प्रशासन से भी ग्रांट मिलती है और नगर निगम भी उन्हें हर कुत्ते के ऑपरेशन पर एक हजार रुपये देता है।
30 साल पहले एसपीसीए की नींव रखी थी
यूटी एनिमल हस्बेंडरी डिपार्टमेंट से बतौर ज्वाइंट डायरेक्टर रिटायर हुए डॉ. कोचर ने ही शहर में एसपीसीए की नींव रखी थी। पिछले 30 साल से वह संस्था का कामकाज संभाल रहे थे। दो साल से वह संस्था के अध्यक्ष पद पर काबिज थे।
अध्यक्ष पद पर उनका कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो गया था और प्रशासन ने उन्हें एक्सटेंशन दे रखी थी। इस संबंध में सोसायटी फॉर द प्रीवेंशन ऑफ क्रयूलिटी टू एनिमल के अध्यक्ष डॉ.जेसी कोचर ने बताया कि मेनका गांधी ने मुझे न सिर्फ फोन पर धमकाया बल्कि मेरे साथ असभ्य भाषा में बात की।
उन्होंने मेरी उम्र का भी लिहाज नहीं किया और मेरे साथ गाली-गलौज भी की। मैंने आज सुबह एडवाइजर ऑफिस में अपना इस्तीफा दे दिया है।
मेनका के बर्ताव पर सदन में हंगामा
निगम सदन की बैठक में भी यह मुद्दा खूब गर्माया। कांग्रेस पार्षद सुभाष चावला ने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री का इतनी बदसलूकी से किसी से बात करना बहुत गलत है।इस पर भाजपा पार्षदों ने कहा कि बतौर केंद्रीय मंत्री उनका इस बात से कोई संबंध नहीं है।
चावला ने कहा कि एक ही संस्था शहर में कुत्तों की नसबंदी का काम कर रही थी और उन्हीं के अध्यक्ष के साथ मेनका ने इतना बुरा बर्ताव किया। चावला ने कहा कि इस संबंध में हमें उनसे बात करनी चाहिए।