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अमर बलिदानी: बेटे ने देश की आधी सेवा की... और करनी थी, कहकर रो पड़ीं कर्नल मनप्रीत की मां

Fri, 15 Sep 2023 08:16 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, नयागांव/मोहाली (पंजाब)

सार

गांव की गलियों से जब पार्थिव शरीर को घर ले जाया जा रहा था तो हर आंख नम दिखी। जिन गलियों में कर्नल का बचपन बीता, वहां से उनकी अंतिम यात्रा निकली तो हर तरफ उदासी छा गई। लोग घरों के बाहर खड़े रहे। छतों से पुष्प वर्षा की।
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कर्नल मनप्रीत सिंह की फाइल फोटो और हाथ जोड़े मां। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पंजाब के मोहाली स्थित कर्नल मनप्रीत सिंह के पैतृक गांव भड़ौंजियां में बुधवार शाम से मातम का माहौल था। गुरुवार को पार्थिव शरीर आने की संभावना थी लेकिन किसी कारण नहीं आ सका और सेना ने घरवालों को बताया कि अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जाएगा। इस सूचना के बाद लोग चले गए और शुक्रवार सुबह ही गांव में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया।

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आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में लोग वहां पहुंचे। जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो वहां लोग उन पर फूल बरसाने लगे। इस दौरान लोगों ने कर्नल मनप्रीत सिंह अमर रहे... जब तक सूरज चांद रहेगा, मनप्रीत तेरा नाम रहेगा... के नारे लगाए। इस दौरान गांव की गलियों में पैर रखने की जगह तक नहीं थी। गांव के आसपास के लोगों ने शहीद को नमन किया और अपनी दुकानें भी बंद रखीं। 
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गांव की गलियों से जब पार्थिव शरीर को घर ले जाया जा रहा था तो हर आंख नम दिखी। जिन गलियों में कर्नल का बचपन बीता, वहां से उनकी अंतिम यात्रा निकली तो हर तरफ उदासी छा गई। लोग घरों के बाहर खड़े रहे। छतों से पुष्प वर्षा की। वहीं जब सेना के अधिकारी पार्थिव शरीर घर लेकर पहुंचे तो मां मनजीत कौर और पत्नी जगमीत कौर तिरंगे में लिपटे मनप्रीत को देख फफक कर रो पड़ीं। पत्नी जगमीत कौर ताबूत से लिपटकर रोती रहीं। वहीं मां बेसुध थीं। बेटे ने देश की आधी सेवा की... और करनी थी... यह कहकर मां मनजीत कौर फिर रो पड़ीं। कर्नल मनप्रीत सिंह के बेटे कबीर ने सेना की वर्दी पहन रखी थी। 





बेटे ने जब पिता को जय हिंद बोल सैल्यूट किया तो वहा मौजूद हर कोई रो पड़ा। उधर, ढाई साल की बेटी वाणी को क्या पता कि अब उनके पापा इस दुनिया में नहीं रहे। वाणी को नाना ने संभाल रखा था। बीच बीच में वह मां के पास जाने की जिद भी कर रही थी। गांव के गुरुद्वारा साहिब में शांति पाठ भी किया गया। ग्रामीणों ने श्मशानघाट को जाने वाले रास्ते की सफाई खुद की। कर्नल मनप्रीत सिंह के चचेरे भाई दविंदर सिंह ने बताया कि भाई के बलिदान की सूचना मिलने के बाद भी जिला प्रशासन ने कोई प्रबंध नहीं किया। ग्रामीणों ने मिलकर सारा प्रबंध किया।

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