हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
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हरियाणा में बीते पांच साल में खुले 67 सरकारी कॉलेजों में से 48 को अभी तक निजी भवन नसीब नहीं हैं। कुछ शिक्षा के मंदिर तो धर्मशाला, ग्राम सचिवालय, बीडीपीओ दफ्तर, मंदिर के भवनों व निजी स्थानों पर चल रहे हैं। नए खुले 46 कॉलेजों में प्रिंसिपल नहीं हैं। 14 कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या 100 से नीचे है। यह खुलासा एडवोकेट विजय बंसल की ओर से ली गई आरटीआई में हुआ है।
उच्चतर शिक्षा विभाग ने आरटीआई में नए कॉलेजों के भवनों, प्रिंसिपल व विद्यार्थी संख्या के बारे में जानकारी दी है। आरटीआई के अनुसार 67 नए कॉलेज में से 19 कॉलेज के ही भवन अभी तक बने हैं। इनमें से एक इमारत एक निजी संस्था ने दान दी है, जबकि 18 कॉलेज भवन बनाने के लिए लगभग 268 करोड़ की राशि खर्च की गई है। कॉलेजों में प्रिंसिपल न होने से प्रशासनिक व्यवस्था अतिरिक्त प्रभार के सहारे है। निजी भवनों में चल रहे कॉलेजों में पर्याप्त सुविधाएं न होने पर विद्यार्थी निजी संस्थानों में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं।
विजय बंसल का कहना है कि सरकार ने आननफानन नए कॉलेज तो धड़ाधड़ खोल दिए, लेकिन अभी तक न तो इन्हें अपना भवन नसीब हुआ, न ही प्रिंसिपल मिले। अनेक कॉलेज में सुविधाओं की भारी कमी है। 71 प्रतिशत से ज्यादा कालेज बिना इमारतों के चल रहे हैं। जिससे विद्यार्थी इनमें दाखिला लेने की बजाए निजी शिक्षण संस्थानों में पड़ने को विवश हैं। सरकार नए कॉलेज खोलने से पहले पूर्व में संचालित कॉलेजों को भवन, पर्याप्त स्टाफ व प्रिंसिपल मुहैया कराए।
इन कॉलेजों में 100 या इससे कम विद्यार्थी
- मोहाना कॉलेज सोनीपत, 100
- इस्सरवाल कॉलेज भिवानी, 73
- अग्रोहा कॉलेज हिसार, 60
- छातर कॉलेज जींद, 60
- लडाना छाकू कॉलेज कैथल, 60
- राजौंद कॉलेज कैथल, 60
- फिरोजपुर झिरका कॉलेज नूंह, 59
- भैंडोली कॉलेज पलवल, 86
- माता मनसा देवी संस्कृत कॉलेज पंचकूला, 12
- मोरनी कॉलेज पंचकूला, 3
- गोरीवाला कॉलेज सिरसा, 60
- भैंसवाल कलां कॉलेज सोनीपत, 39
- बरोदा कॉलेज सोनीपत, 51
- प्रतापनगर कॉलेज यमुनानगर, 49