उन्होंने कहा कि संत समाज से भी आह्वान किया गया है कि जिन क्षेत्रों में समस्याएं हैं, वहां लोगों के बीच में जाएं और मार्गदर्शन कर उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करें। इसके लिए डेटा भी इकट्ठा किया जा रहा है कि कितने नागरिक प्रभावित हो चुके हैं। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल, हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला, दयानंद महाराज, राघवानंद महाराज, साध्वी अमृता दीदी, रविशा महाराज, महंत चरण दास, संपूर्णानंद, महंत कर्मजीत सिंह समेत अन्य संत-महात्मा उपस्थित रहे।
नशाखोरों की 52-53 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच
सूचना लोक संपर्क भाषा एवं संस्कृति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश खुल्लर ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा को नशा मुक्त करने के लिए अनेक कदम उठाए। पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए कि नशा बेचने वालों, तस्करों को बख्शा न जाए। वर्ष 2022 में राज्य में नशे की दवाएं बेचने वाले, तस्कर या रिटेलर, ऐसे 6044 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, नशा तस्करों की लगभग 52-53 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी भी अटैच की गई।
संत समाज देगा पूरा सहयोग: गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि आज इस कार्यक्रम के आयोजन से यह स्पष्ट दिखता है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल नशे जैसी बुराई पर कितना अधिक गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि संत समाज नशा मुक्ति अभियान में सरकार का पूरा सहयोग देगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में लगभग 152 नशा मुक्ति केंद्र है और इन केंद्रों में जियो गीता का प्रयास रहेगा कि योग व व्यायाम करवाया जाए। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से हरियाणा देश का ऐसा प्रथम राज्य बनेगा, जो नशा मुक्त होगा।