श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू होगा मार्च
धामी ने बताया कि गुरुद्वारा एक्ट में संशोधन के लिए एसजीपीसी के जनरल हाउस का बहुमत जरूरी है। संसद संशोधन प्रस्ताव को तभी मंजूरी देती है, जब इसे जनरल हाउस में पारित किया जाता है और केंद्र को भेजा जाता है। अगर सरकार फिर भी नहीं मानी तो हम श्री अकाल तख्त साहिब से मार्च शुरू करेंगे। इसके परिणाम के लिए पंजाब सरकार जिम्मेदार होगी। मुख्यमंत्री मान ही नहीं, बल्कि केंद्र को भी संशोधन का अधिकार नहीं है।
मास्टर तारा सिंह व पंडित नेहरू में हुआ था समझौता
धामी ने 1959 में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और शिरोमणि अकाली दल के नेता मास्टर तारा सिंह के बीच हुए समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें स्पष्ट है कि केंद्र सरकार एसजीपीसी की ओर से संशोधन की केंद्र को की गई सिफारिश के मद्देनजर ही संसद में इसे पास कर कानून का रूप दिया जा सकता है।
मुझे गालियां देने का प्रस्ताव पारित कर इजलास खत्मः मान
एसजीपीसी के जनरल हाउस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट किया- शिरोमणि अकाली दल बादल के 'मुख्य प्रवक्ता' हरजिंदर सिंह धामी जी, आज के इजलास में पवित्र गुरबाणी के सब को मुफ्त प्रसारण के बारे में कोई विचार-विमर्श हुआ या फिर मुझे गालियां देने का प्रस्ताव पारित करके इजलास खत्म?... धामी साहब लोग सब देख रहे हैं... कबूतर के आंखें मूंद लेने से बिल्ली नहीं भागती...।