नवजोत सिंह सिद्धू और प्रियंका गांधी। (फाइल फोटो)
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कांग्रेस की पंजाब इकाई की कमान अब नवजोत सिंह सिद्धू के हाथों पर आ गई है। शुक्रवार को उन्होंने 10 हजार से ज्यादा समर्थकों की मौजूदगी में कार्यभार संभाला। अंदरूनी मतभेदों से घिरी कांग्रेस को इस कार्यक्रम में एक दिखाने की कोशिश की गई। इन कोशिशों का नतीजा रहा कि नवजोत सिंह सिद्धू के धुर विरोधी पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कार्यभार ग्रहण कार्यक्रम में शिरकत की और एक साथ काम करने की बात कही।
कैप्टन ने दिखाई नरमी
पिछले कई दिनों से सिद्धू के प्रति तल्ख कैप्टन अमरिंदर सिंह के तेवर अब नरम हैं। उन्होंने गुरुवार को ही नवजोत सिंह सिद्धू को चाय पार्टी के लिए पंजाब भवन में आमंत्रित किया। बता दें कि इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि जब तक नवजोत सिंह सिद्धू सोशल मीडिया पर दिए गए अपने बयान पर सार्वजनिक माफी नहीं मांग लेते हैं, तब तक मैं उनसे मुलाकात नहीं करूंगा। शुक्रवार को नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब भवन में कैप्टन की चाय पार्टी पर पहुंचे। लेकिन यहां भी कुछ ऐसा हुआ कि प्रियंका गांधी को दखल देना पड़ा।
प्रियंका गांधी के कहने पर कैप्टन से मिले सिद्धू
कांग्रेस भवन में ताजपोशी से पहले पंजाब भवन में कैप्टन ने सभी मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को चाय पर बुलाया था। नवजोत सिद्धू जब पंजाब भवन पहुंचे तब तक कैप्टन वहां नहीं आए थे। इस पर सिद्धू कुछ देर विधायकों से बातचीत करने के बाद पंजाब भवन से चले गए। इस बात की सूचना तुरंत हरीश रावत ने प्रियंका गांधी को फोन पर दी, जोकि इन दिनों शिमला में हैं।
प्रियंका ने तुरंत नवजोत सिद्धू को फोन करके वापस पंजाब भवन पहुंचने को कहा। आखिरकार सिद्धू पंजाब भवन लौटे, तब तक कैप्टन वहां पहुंच चुके थे। सिद्धू ने उन्हें दूर से ही फतेह बुलाई और पूरे जोश के साथ गले मिलने के अपने चिर-परिचित अंदाज में कैप्टन से मिलने से परहेज किया। हालांकि यह माना जा रहा था कि सिद्धू पंजाब भवन में चाय पार्टी के दौरान ही कैप्टन से अपने गिले-शिकवे दूर कर लेंगे और दोनों साथ-साथ पंजाब कांग्रेस भवन के लिए रवाना होंगे।