मौके पर जांच करते पुलिस अधिकारी (फाइल फोटो)
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चंडीगढ़ के सेक्टर-32 के एक पीजी में आग लगने से तीन छात्राओं की मौत के मामले में सोमवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने पीजी मालिक गौरव अनेजा और पीजी संचालक नीतेश बंसल के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने यह आरोप गैर इरादतन हत्या और दूसरों के जीवन को खतरे में डालने की धाराओं के तहत तय किए हैं। इस मामले में सेक्टर-34 थाना पुलिस ने गौरव अनेजा और नीतेश बंसल के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
इन आरोपियों के खिलाफ 26 अगस्त से ट्रायल शुरू होगा। बता दें कि 2 फरवरी 2020 को सेक्टर-32 पीजी में लैपटॉप चार्ज करते समय शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। इस पीजी में कुल 30 कमरे बने हुए थे। आग लगने के दौरान पीजी में 25 छात्राएं मौजूद थीं। शोर की आवाज सुनते ही इनमें से 20 निकलने में कामयाब हो गईं, जबकि पांच छात्राएं धुएं और आग में फंस गईं।
दम घुटने और झुलसने से तीन की मौत हो गई थी। वहीं, दो छात्राओं ने बिल्डिंग की पहली मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई थी। आग में पीजी की पहली मंजिल का सारा सामान जल गया था। मृतकों की पहचान हिसार के लक्ष्मी नगर निवासी मुस्कान (21), कोटकपूरा (पंजाब) के सत्य बाजार निवासी पाक्षी ग्रोवर (20) और कपूरथला (पंजाब) निवासी रिया अरोड़ा (19) के रूप में हुई थी। राहत की बात यह रही थी कि दोपहर के समय हादसा होने के कारण पीजी में ज्यादा लड़कियां नहीं थीं, अगर हादसा रात या सुबह होता तो कई जानें चली जातीं।
इस पीजी में इससे पहले भी दो बार आग लग चुकी थी और इस मामले में सेक्टर-34 थाना पुलिस ने पीजी संचालक नीतेश बंसल के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार भी किया था। इसके बाद नीतेश बंसल ने अदालत में जुर्माना भी भरा था। बावजूद इसके पीजी संचालक ने फिर बिना अनुमति छात्राओं को किराए पर कमरा दे दिया।