पीजीआई चंडीगढ़ में साल 2012 में एमडी/एमएस की प्रवेश परीक्षा के दौरान सीबीआई ने अत्याधुनिक तकनीक से नकल करवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। इस मामले में शुक्रवार को जिला अदालत ने नकल करवाने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड पुष्पगीर गुरिवी रेड्डी सहित 32 आरोपियों में से 27 के खिलाफ चार्ज फ्रेम कर दिया।
वहीं पांच आरोपियों को भगोड़ा करार दिया। अब ट्रायल शुरू होगा। अगली सुनवाई 11 मई को होगी। मामले के मुताबिक एमडी/एमएस की प्रवेश परीक्षा में अभ्यर्थियों को पास करवाने के लिए उनके स्थान पर डॉक्टरों को बैठाया गया था। ये सभी अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होकर परीक्षा हाल में बैठकर नकल कर रहे थे। दूसरी ओर पेपर सॉल्वर पटना, हैदराबाद और चंडीगढ़ के होटलों में बैठकर नकल करवा रहे थे। सीबीआई ने इस मामले में 175 लोगों को गवाह बनाया है, जिनकी ट्रायल के दौरान गवाही होगी।
14 लड़कियों से फर्जी दस्तावेज लगाकर भरवाए थे फॉर्म
मास्टरमाइंड पुष्पगीर गुरिवी रेड्डी ने 14 डमी लड़कियों को तैयार कर फर्जी दस्तावेज के आधार पर 28 परीक्षा फार्म भरवाए थे। परीक्षा से एक दिन पहले आरोपियों ने शहर में आकर सभी लड़कियों को परीक्षा में बैठने की ट्रेनिंग भी दी थी।
आरोपी आंध्र प्रदेश के रहने वाले, अधिकतर पेशे से डॉक्टर
नकल करवाने में संलिप्त आरोपी आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं। इनमें अधिकतर पेशे से डॉक्टर हैं। इस मामले में सीबीआई ने पुष्पगीर गुरिवी रेड्डी के अलावा सात महिला चिकित्सकों को भी गिरफ्तार किया था, जिन्होंने अपने कपड़ों और बालों में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स छिपाकर नकल की थी।
तेलगू फिल्मों का प्रोड्यूसर भी मामले में शामिल
पीजीआई एमडी/एमएस प्रवेश परीक्षा में नकल करवाने के आरोपियों की सूची में तेलगू फिल्मों के प्रोड्यूसर डॉ. कोटा गोवर्धन रेड्डी का नाम भी शामिल है। आरोपी अपनी प्रोडक्शन कंपनी चलाता था। सीबीआई ने इसे पटना स्थित एक होटल से नकल करवाते हुए पकड़ा था।