चंडीगढ़ की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ऐप की मदद से ओला-ऊबर की तरह अब बसों को ट्रैक कर सकते हैं। टिकट खरीदने की व्यवस्था भी बदल गई है। मेट्रो के जैसे स्मार्ट कार्ड शुरू कर दिए गए हैं। मोबाइल से रिचार्ज कराइए और किसी भी बस में घूमें। अब पुराने दिन बीत चुके हैं, जब बस चालक अपनी मर्जी से बस चलाता था। जहां मन किया बस रोक दी, रूट बदल लिया। स्पीड की कोई चिंता नहीं होती थी। अब अगर कोई चालक-परिचालक या सवारी भी कोई गलती करेगी, तो तुरंत इसकी जानकारी आईएसबीटी-43 में बने कमांड कंट्रोल सेंटर में पहुंच जाएगी और फिर ड्राइवर को चेतावनी जारी कर दी जाएगी।
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रूट पर कितनी बसें, कितने चालक-परिचालक
एक स्क्रीन पर ये पता चलता है कि कितनी बसें रूट पर चल रही हैं। कितनी डिपो में खड़ी हैं। कौन देरी से चल रही है। चालक-परिचालक कितने हैं। छुट्टी पर कौन है और कितनों को रिजर्व में रखा गया है।
किस एरिया में ज्यादा मिल रहीं सवारी
एक स्क्रीन पर दिखाई देता है कि सुबह 6 बजे बस सर्विस के शुरू होने के बाद रात 10 बजे तक कुल कितने लोगों ने सफर किया। लाइव कितने लोग सफर कर रहे हैं। किस एरिया में सवारी ज्यादा हैं। किराया कितना एकत्रित हुआ। कार्ड से कितनी पेमेंट हुई।
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trycityBus मोबाइल एप के फायदे
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सीटीयू से संबंधित शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 18002747400
इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम से शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से बदल गई है। मोबाइल एप से बसों को लाइव ट्रैक किया जा सकता है। इससे समय भी बचेगा। एक बस में पांच सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इससे हर कोई पूरी तरह से सुरक्षित है। लोगों को अब सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना शुरू कर देना चाहिए।
-प्रद्युमन सिंह, निदेशक, परिवहन विभाग