गुरुवार दोपहर दो बजे फिर सुखना के फ्लड गेट खोलने पड़े। लेक का जलस्तर खतरे के निशान 1163 फुट तक पहुंच गया था, जिसकी वजह से इस वर्ष चौथी बार फ्लड गेट खोले गए। इससे पहले 9, 14 अगस्त और 21 सितंबर को भी फ्लड गेट खोले गए थे।
पानी छोड़ते ही सुखना चो लबालब हो गई। इससे चो के साथ लगती कॉलोनियों में लोग दहशत में आ गए। यूटी इंजीनियरिंग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शाम करीब 5.30 बजे गेट बंद कर दिए गए थे। उस समय लेक का जल स्तर 1162.85 फुट हो गया था।
बारिश से कैचमेंट एरिया से लेक में लगातार पानी आ रहा है। अगर फिर से जल स्तर बढ़ा तो गेट फिर खोले जाएंगे। इससे पहले प्रशासन की ओर से लेक के आसपास के रिहायशी इलाके में रहने वाले लोगों को सूचित भी किया गया। मोहाली प्रशासन को भी लेक के गेट खोलने की पहले ही जानकारी दे दी गई।
पिछले साल जलस्तर 1163.40 फुट पर पहुंचने के बाद ही गेट खोले गए थे, जिसके चलते सुखना चो भी ओवरफ्लो हो गया था। इस कारण बलटाना के एरिया में भी पानी घुस गया था। यही कारण है कि इस बार प्रशासन की तरफ से दो माह में चौथी बार सुखना के गेट खोल दिए गए। विभाग की तरफ से थोड़ा-थोड़ा करके पानी छोड़ा जा रहा है, क्योंकि एक साथ अधिक पानी छोड़ने से आसपास के एरिया में पानी घुसने का खतरा रहता है।