फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बड़ा सवालः 5 मिनट में कैसे मिलेगी सुविधा, अभी तक बसें ही नहीं खरीदी गई हैं

Tue, 18 Apr 2017 12:54 PM IST
योगेंद्र त्रिपाठी /अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
सीटीयू बस - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
लोगों को पांच मिनट में बस उपलब्ध कराने के सीटीयू के दावे फेल होते नजर आ रहे हैं और इसकी वजह है अभी तक बसों की खरीद न हो पाना। दो साल से बसों की संख्या बढ़ाकर हर रूट पर पांच मिनट में बस दिए जाने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन यह कागजी साबित हो गए।
विज्ञापन


सीटीयू में बजट की कमी के कारण इन बसों की खरीद नहीं हो पाई है। इस कारण शहर में लोगों को ट्रांसपोर्टेशन में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा समय में लोकल रूट पर सीटीयू की ओर से  400 बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों की संख्या बढ़ाकर 600 किया जाना था लेकिन यह संख्या अभी तक नहीं बढ़ाई गई।

इस कारण किसी भी रूट परी 5 से 10 मिनट की बस की फ्रीक्वेंसी नहीं है। वहीं बसों की संख्या कम होने और जाम होने के कारण बसें डेराबस्सी तक एक घंटे से अधिक समय पहुंचने में लेती हैं। इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन


 
विज्ञापन

हर दिन 1.50 लाख लोग सफर करते हैं

सीटीयू बस - फोटो : file photo
सीटीयू की बसों में हर दिन 1.50 लाख लोग सफर करते हैं। इस कारण लोगों को परेशानी होती है। सीटीयू की ओर  से 74 रूटों पर बस का संचालन किया जा रहा है। बसों की खरीद के लिए इस बार केवल 23 करोड़ रुपये मिला है। इसमें कैसे 150 बसों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

लोकल रूट पर 160 कोरोना बस चलाने का प्रपोजल बनाया गया था। लेकिन यह केवल 39 बसें ही खरीदी गई। 121 एसी कोरोना की बस सीटीयू डिपार्टमेंट नहीं खरीद पाया। इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। यह बस बजट नहीं दिए जाने के कारण नहीं खरीदी गई।

सीटीयू से बस जीरकपुर का सफर करने वाले आर्यन मलिक ने बताया कि बस एक घंटे में पहुंचती है। इस कारण परेशानी होती है। कई बार जाम होने पर सेक्टर - 17 बस स्टैंड से 1.30 घंटे में पहुंचती है। वहीं आईटी पार्कका बस से सफर करने वाले सुदेश सिंह ने बताया कि बस देरी से आती है। इस कारण ऑटो से सफर करते हैं। इस बस का सही समय निर्धारित नहीं है। इस कारण परेशानी होती है।

सीटीयू की बसों की खरीद के लिए प्रपोजल बनाया गया है। नई एसी और नॉन एसी बसें खरीदी जानी है। इसके लिए ट्रांसपोर्ट विभाग के आलाधिकारियों से मीटिंग कर बजट मांगा जाएगा जिससे कि शहर में सीटीयू की फ्रीक्वेंसी 5 से 10 मिनट में की जाएगी।
- अमित तलवार, सीटीयू, निदेशक
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें