चंडीगढ़। पीजीआई में जांच कराने वाले मरीजों को अब संस्थान मैसेज भेजकर खुद बताएगा कि रिपोर्ट तैयार, आकर ले जाएं। पीजीआई द्वारा भेजे गए मैसेज में एक लिंक भी दिया जाएगा, जिसकी मदद से मरीज बिना अस्पताल आए भी अपनी रिपोर्ट प्राप्त कर सकेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने वीरवार को पीजीआई में इस सुविधा का शुभारंभ किया। वह पीजीआई के एक दिवसीय दौरे पर आए थे। उन्होंने न्यू ओपीडी में स्थापित अमृत फार्मेसी की नई दुकान का भी उद्घाटन किया।
गौरतलब है कि शारीरिक ओपीडी खुल जाने के बाद भी अमित फार्मेसी की नई दुकान न खुलने से मरीजों को हो रही समस्या को अमर उजाला ने 22 फरवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसे ध्यान में रखते हुए दुकान का उद्घाटन किया गया है।
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रेफरल केस कम करने पर हुई चर्चा
इस दौरान केंद्रीय सचिव राजेश भूषण ने पीजीआई के प्रभारी निदेशक समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी की। इसमें पीजीआई में तेजी से बढ़ रहे रेफरल केसों की संख्या पर नियंत्रण के लिए चर्चा की गई। पीजीआई के प्रभारी निदेशक प्रोफेसर सुरजीत सिंह ने बताया कि विभिन्न प्रदेशों से आने वाले रेफर केस पर अगर गौर किया जाए तो उनमें से काफी मरीजों को जिला अस्पताल व उनके मेडिकल कॉलेज के स्तर पर इलाज उपलब्ध कराया जा सकता है। सचिन ने संस्थान से जुड़े अन्य समस्याओं को भी गौर से सुना और त्वरित निवारण का आश्वासन दिया।
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विभिन्न योजनाओं का लिया जायजा
इस दौरान सचिव ने पीजीआई की विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी भी ली। खास तौर पर संगरूर और फिरोजपुर व ऊना में पीजीआई के सेटेलाइट केंद्रों की प्रगति रिपोर्ट जानी। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पीजीआई में निर्माणाधीन मदर चाइल्ड केयर सेंटर, न्यूरोसाइंस सेंटर का दौरा भी किया। नेहरू अस्पताल, नेहरू एक्सटेंशन ब्लॉक, न्यू ओपीडी, एडवांस आई सेंटर, एडवांस कार्डियक सेंटर, एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर व ट्रामा सेंटर की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ व मरीजों से बातचीत कर सुविधाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने प्रशासनिक ब्लॉक के सामने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। डीडीए कुमार गौरव, चिकित्सा अधीक्षक प्रो विपिन कौशल, डीन एकेडमिक प्रोफेसर जीडी पूरी, वित्तीय सलाहकार कुमार अभय व अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।