आयोग ने वारंट जारी करते हुए कहा कि डीडीए की ओर से ऐसा बर्ताव बर्दास्त करने योग्य नहीं है। आदेश जारी होने के बाद भी शिकायतकर्ता को राशि न देना उपभोक्ता कानून के खिलाफ है। इस आदेश में आयोग ने दिल्ली कमिश्नर को दोनों आरोपितों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही 50 हजार रुपये की राशि गिरफ्तारी के जमानती वारंट और एक-एक श्योरिटी भी सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 12 नवंबर 2021 को होगी।
निदेशक व अप निदेशक के दफ्तर के सभी सामानों को किया जाए अटैच: आयोग
आयोग ने डीडीए के निदेशक और उप निदेशक की आधिकारिक कारों और उनके कार्यालयों में पड़े सभी फर्नीचर और वस्तुओं को अटैच करने के लिए नई दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट को भी निर्देश जारी कर दिए हैं। आयोग ने 20 मई को डीडीए की ओर से पेश हुए वकील को एक सप्ताह के भीतर बैंक विवरण की आपूर्ति करने का आदेश दिया ताकि भूमि राजस्व के बकाया के रूप में एक करोड़ आठ लाख 47 हजार 305 रुपये की डिक्री राशि की वसूली के लिए इसे नीलामी के लिए भी संलग्न किया जा सके।