चंडीगढ़ में पिछले कुछ दिनों से मिल रहे कोरोना के ज्यादातर मरीज अपने परिवार में संक्रमित किसी दूसरे सदस्य के संपर्क में आने से पॉजिटिव हुए हैं। परिवार में बढ़ते कोरोना की चेन के कारण प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं। ऐसा माना जा रहा है कि सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन घर के बाहर तो किया जा रहा है लेकिन घर के अंदर उसकी अनदेखी हो रही है, जिसका खामियाजा पूरा परिवार भुगत रहा है।
बीते 20 जून को शहर में कोरोना के एक साथ 24 मामले सामने आए थे। इनमें से 12 मामले एक परिवार के और 7 मामले दूसरे परिवार के थे। डॉक्टरों का कहना है कि घर के एक सदस्य के संक्रमित होने से उसके संपर्क में आने वाले घर के सभी सदस्य कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में जरूरी है कि घर के बाहर जाने वाला सदस्य घर के बाहर कोरोना से बचाव के सारे मानकों का सावधानी से पालन करे। इतना ही नहीं घर के अंदर भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का कड़ाई से पालन करना होगा।
इन इलाकों में बढ़ा खतरा
शहर के जिन क्षेत्रों में घर के अंदर कोरोना संक्रमण तेजी से फैला रहा है, उन इलाकों में मौलीजागरां, खुड्डा अलीशेर, खड्डा जस्सू, सेक्टर-24, डड्डूमाजरा, सेक्टर-38 और मनीमाजरा शामिल हैं। इन इलाकों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें शुरुआती दौर में परिवार का कोई एक सदस्य संक्रमण की चपेट में आया और फिर देखते-देखते पूरे परिवार को कोरोना ने अपनी चपेट में लिया। इन क्षेत्रों से एक हफ्ते के दौरान 40 मरीज सामने आए हैं।
बापूधाम में टूटी कोरोना की चेन
कुछ दिनों पहले तक शहर के लिए बापूधाम कोरोना का गढ़ बना हुआ था। लेकिन प्रशासन की तरफ से वहां लागू किए गए मानकों का कड़ाई से पालन होने के बाद वहां से संक्रमित मरीजों के आने का क्रम थम चुका है। पिछले कुछ दिनों में बापूधाम से कोरोना के इक्का-दुक्का मामले ही सामने आए हैं, जबकि शहर के अन्य क्षेत्र अब नए संक्रमित जोन बनते जा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी स्थिति में जरूरी है कि लोग कोरोना से बचाव के नियमों का कड़ाई से पालन करें।