चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव के मद्देनजर राज्य चुनाव आयोग ने संवेदनशील वार्डों व बूथों का पता लगाने के लिए कसरत शुरू कर दी है। माना जा रहा है किसान आंदोलन को ध्यान में रखते हुए विभिन्न कालोनियों और गांवों के कई बूथ संवेदनशील घोषित किए जा सकते हैं। यहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके लिए चुनाव आयोग सभी राजनीतिक पार्टियों से बातचीत कर रहा है।
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि ऐसे वार्डों व बूथों के बारे जानकारी जुटाई जा रही है, जहां माहौल खराब होने की आशंका है। विभिन्न राजनीतिक दलों से इसको लेकर बातचीत की जा रही है। आमतौर पर कालोनियों के इलाकों में स्थित कई बूथ संवेदनशील रहते हैं। बापूधाम, रामदरबार, कॉलोनी नंबर चार, मलोया, धनास, भास्कर कालोनी इत्यादि ऐसे इलाके हैं, जहां झगड़े का अंदेशा रहता है। इसके लिए पहले संवेदनशील बूथों का पता लगाया जाएगा और फिर इन बूथों पर पुलिस की अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि इस बार संवेदनशील बूथों की संख्या अर्बन इलाके में पहले से कम हो सकती है। इसकी वजह है कि कालोनी नंबर चार और पांच काफी हद तक हटा दी गई है। यह अंदेशा है कि जो 13 गांव नगर निगम में शामिल किए गए हैं, वहां कई बूथ संवेदनशील हो सकते हैं। वहीं, किसानों का मुद्दा भी गर्म है, लिहाजा यह फैक्टर भी यहां बूथों को संवेदनशील बना सकता है। बीते दिनों राज्य चुनाव आयुक्त एसके श्रीवास्तव ने भी यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल से बैठक कर उनसे नगर निगम चुनावों के मद्देनजर पुलिस फोर्स का प्रबंध करने को लेकर बातचीत की थी।