स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में अव्वल आने के लिए चंडीगढ़ नगर निगम ने पूरी ताकत झोंक दी है। निगम आयुक्त अनिंदिता मित्रा ने खुद मोर्चा संभाल रखा है। अधिकारियों से रिपोर्ट लेने के साथ खुद सुबह विभिन्न इलाकों में जाकर औचक निरीक्षण कर रहीं हैं। इसी दौरान आयुक्त ने काम में लापरवाही बरतने और ड्यूटी से नदारद रहने वाले चार कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।
आयुक्त ने ड्यूटी में लापरवाही और सुखना लेक पर सार्वजनिक शौचालयों के अनुचित रखरखाव के लिए दो कर्मचारियों और गांव हल्लोमाजरा और सेक्टर-21 में ट्यूबवेल-कम-बूस्टर पर दो कर्मचारियों को ड्यूटी से गैरहाजिर पाए जाने पर उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों, जल कार्यों और अन्य सार्वजनिक उपयोगिताओं के कामकाज में सुधार के लिए चल रहे अभियान में नगर निगम आयुक्त द्वारा यह कार्रवाई की गई।
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एमसीसी के अधिकारियों द्वारा सुबह सात बजे की जलापूर्ति की जांच दौरान ये कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा, पिछले 7 से 10 दिनों में सार्वजनिक शौचालय सेक्टर-27 सी मार्केट, सेक्टर-8 सी मार्केट और राम दरबार, हल्लोमाजरा के सामने सामुदायिक शौचालय के रखरखाव की जांच संतोषजनक नहीं पाई गई।
भविष्य में सेवा में कमी पाए जाने पर समाप्त होगा अनुबंध
शौचालयों के रखरखाव के लिए जिम्मेदार संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए नोटिस दिया है। प्रत्येक एजेंसी पर 5000 रुपये और 10000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इन एजेंसियों को चेतावनी दी गई है कि भविष्य में सेवा में कमी पाए जाने पर उनका अनुबंध भी समाप्त कर दिया जाएगा। एक एजेंसी को ब्लैकलिस्टेड नोटिस भी जारी किया है। आयुक्त ने कहा कि निगम कर्तव्यों के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।