प्रशासक ने ई बसों को रवाना किया।
- फोटो : अमर उजाला
इलेक्ट्रिक बसों के लिए चंडीगढ़ के लोगों का इंतजार शनिवार को खत्म हो गया। पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने सेक्टर 17 के बस स्टैंड से 11 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उनके सलाहकार धर्मपाल, गृह सचिव नितिन कुमार यादव, डीजीपी प्रवीन रंजन व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासक ने कहा कि इन बसों के शुरू होने से प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी। उन्होंने दिल्ली का भी हवाला दिया और कहा कि दिल्ली की जो स्थिति है वह परिवहन की वजह से ही है, इसलिए धीरे-धीरे करके डीजल की बसों को कम करना होगा और इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन अभी 11 बसों को हरी झंडी दिखा रहा है। इस साल के अंत तक 40 बसें चंडीगढ़ पहुंच जाएंगी। यह पूरे शहर वासियों के लिए बेहद अच्छी खबर है।
इन बसों को मिलाकर सीटीयू एक एक्सप्रेस रूट की शुरुआत कर रहा है। इस रूट पर लोगों को बस के लिए 10 मिनट से ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। परिवहन विभाग ने निदेशक प्रद्युम्न सिंह ने बताया कि शहर में पहले एक्सप्रेस रूट की शुरुआत शनिवार से हो गई है। ये रूट आईएसबीटी-43 से पीजीआई तक के लिए बनाया गया है। इस रूट पर बसें वाया आईएसबीटी-17 होकर जाएंगी। विभाग के अनुसार, इस रूट पर काफी सवारियां रहती हैं, इसलिए इस एक्सप्रेस रूट की शुरुआत की जा रही है। विभाग को उम्मीद है कि हर 10 मिनट पर बस आने से सवारियों की संख्या भी बढ़ेगी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सभी 40 इलेक्ट्रिक बसें दिसंबर महीने के आखिर तक पहुंचेंगी। इसके बाद अगले साल तक 40 और ई-बसें आ जाएंगी। इसके लिए प्रशासन की तरफ से टेंडर भी जारी कर दिया है। पहली 40 बसों के लिए अशोक लेलैंड कंपनी से करार हुआ है। इन बसों में 36 लोगों के बैठने की जगह है और अधिकतम एक समय में 54 लोग सफर कर सकेंगे। एक बार चार्ज होने के बाद बस करीब 140 किलोमीटर चलेगी। एक दिन में बस 200 से 300 किमी तक चलेगी।