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चंडीगढ़ के हाल: कचरे के पहाड़ को हटाकर मैदान बनाने का था दावा, साढ़े छह करोड़ खर्च करने पर गंदगी जस की तस

Sat, 10 Jul 2021 10:51 AM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ के प्रशासक और सांसद ने दावा किया था कि मई 2021 तक डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड के पहाड़ को हटाकर वहां मैदान बना दिया जाएगा। समय बीत जाने पर भी अब तक सिर्फ 35 प्रतिशत ही काम पूरा हुआ है। लोगों का कहना है कि जिस तरह प्रशासन काम कर रहा है, उससे तो कई सालों में भी कचरे का पहाड़ खत्म नहीं होगा।
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चंडीगढ़ में डड्डूमाजरा का डंपिंग ग्राउंड। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ में डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड को लेकर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर, सांसद किरण खेर समेत तमाम नेताओं व अधिकारियों ने कई दावे किए थे, जो हवाहवाई साबित हुए। मई 2021 तक कचरे के पहाड़ को हटाकर यहां मैदान बनाने का वादा था लेकिन एक आरटीआई के जवाब में चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने बताया है कि अभी कंपनी ने सिर्फ 35 प्रतिशत ही काम किया है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि ये आंकड़े भी झूठे हैं। कचरे का पहाड़ एक इंच भी कम नहीं हुआ है।

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चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने आरटीआई के जवाब में कहा है कि 22 जून 2021 तक डड्डूमाजरा के माइनिंग लीगेसी वेस्ट पर 6 करोड़ 49 लाख रुपये खर्च किए गए हैं और अब तक 185800 मीट्रिक टन (एमटी) कूड़ा प्रोसेस किया गया है। चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने माना है कि कूड़े के पहाड़ को खत्म करने के लिए कंपनी ने धीमी गति से काम किया है। बताया गया है कि अब तक कंपनी ने सिर्फ 35 से 40 प्रतिशत ही काम किया है।


काम पूरा करने के लिए जो समय तय किया गया था, वो बीत गया है, इसलिए कंपनी को अब 23 नवंबर 2021 तक का समय दिया गया है और 100 फीसदी काम पूरा करने के आदेश दिए हैं। वर्तमान में कूड़े के पहाड़ को देखते हुए 23 नवंबर तक यहां मैदान करने का दावा किसी के गले नहीं उतर रहा। आरटीआई में पूछा गया कि अगर 23 नवंबर तक भी काम पूरा नहीं होता है तो क्या आगे भी कंपनी को एक्स्टेंशन दी जाएगी, इस पर जवाब दिया गया कि इस पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। 

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तय समयानुसार काम नहीं कर रही कंपनी, फिर भी कार्रवाई नहीं

21 दिसंबर 2019 को कचरे का पहाड़ हटाने के लिए मशीनों का उद्घाटन हुआ। दावा किया गया कि 18 माह में कचरे का पहाड़ हटाकर वहां 25 एकड़ भूमि को मुक्त करा दिया जाएगा। प्रशासक ने कहा था कि वह खुद हर महीने और सांसद किरण खेर हर 15 दिन में निरीक्षण करने आएंगी। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि न सांसद ने कभी इस ओर मुड़कर देखा और न प्रशासक ने इसकी रिपोर्ट ली है। समय बीतता गया, लेकिन काम की गति नहीं बढ़ी। अधिकारी ये जानते हैं, कंपनी तय समय अवधि के मुताबिक काम नहीं कर रही है, इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही। प्रशासक के पूर्व सलाहकार मनोज परिदा को भी इस संबंध में जानकारी दी गई थी लेकिन उनका कहना था कि वह कंपनी के काम से संतुष्ट हैं।

ऐसे तो कई साल तक खत्म नहीं होगी समस्या : दयाल कृष्ण
डंपिग ग्राउंड ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष दयाल कृष्ण का कहना है कि शहर भर का कचरा यहीं आ रहा है। जितना कचरा निस्तारित होता है, उतना फिर डंपिंग ग्राउंड पर फेंक दिया जाता है। ऐसे में यह समस्या कैसे खत्म होगी। उन्होंने कहा कि जिस गति से कंपनी काम कर रही है, ऐसे तो कई साल तक कचरे का पहाड़ खत्म नहीं होगा। उन्होंने बताया कि कचरा निस्तारण के बाद मिट्टी भी दीवार के साथ बराबर से गिराई जा रही है। बारिश में लीचैट दीवार के ऊपर से सड़कों तक आ जाएगा। अभी भी कचरे से निकलने वाले गंदे पानी की बदबू ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। बुधवार को स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन भी किया और निकासी के उचित प्रबंध की मांग की लेकिन लोगों को अभी भी सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है।
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