झगड़े के बाद कुलदीप सिंह ग्रंथी गांव छोड़कर किसी अन्य जगह पर जाकर रहने लग गया था। अब वह अपने पिता की मौत के बाद घर आया था। शुक्रवार सुबह कुलदीप सिंह जब गुरुघर में दाखिल हुआ तो पहले से ही वहां घात लगाकर खड़े दरबारा सिंह उर्फ भोला ने उस पर बरछे से हमला कर दिया व शव को खुर्द-बुर्द करने के लिए गुरुद्वारा साहिब के पास से गुजरते रजवाहे में फेंक दिया। पुलिस ने कुलदीप सिंह के पुत्र वरिंदर सिंह के बयान पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फरीदकोट: लूट की नीयत से बुजुर्ग की हत्या
फरीदकोट के गांव रोड़ीकपूरा में गुरुवार रात तेजधार हथियार से एक बुजुर्ग व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस को आशंका है कि यह घटना लूट की नीयत से की गई है। मृतक की पहचान 65 वर्षीय बाबू सिंह के रूप में हुई, जोकि शराब के ठेके पर काम करता था और रोज करीब 5-6 हजार रुपये नकदी लेकर अपने घर आता था।
सूचना के बाद मौके पर पहुंचे डीएसपी परमिंदर सिंह व थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि जांच में सामने आया है कि किसी तेजधार हथियार से बाबू सिंह के सिर में कई वार किए गए हैं, जिस कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि बेटा गुरप्रीत सिंह गोपी अपने पिता से अलग रहता है। इस मामले में पुलिस ने मृतक के बेटे के बयान पर हत्या का केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पंजाब के पूर्व वन मंत्री चौ. सुरजीत ज्याणी के गांव कटैहड़ा में संपत्ति विवाद को लेकर बेटे ने अपने पिता की गोली मार कर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही थाना बोदीवाला पिथा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार गांव कटैहड़ा निवासी अमर ज्याणी पुत्र ब्रिज लाल ज्याणी का अपने बड़े बेटे प्रवेश ज्याणी के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। शुक्रवार शाम करीब 68 वर्षीय अमर ज्याणी अपनी पत्नी के साथ कार पर खेतों की ओर गए थे। इसी दौरान उनका बेटा प्रवेश ज्याणी अपने वाहन से मौके पर पहुंचा और अपने पिता की कार को आगे से टक्कर मार दी। इस पर अमर ज्याणी जैसे ही कार से नीचे उतरे तो प्रवेश ने उन पर गोली चला दी, मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
कार में मौजूद उनकी पत्नी बेहोश होकर गिर गई। घटना का पता चलते ही मौके पर पहुंचे लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। थाना बोदीवाला पिथा के एएसआई जसपाल सिंह मौके पर पहुंचे तथा अमर ज्याणी के शव को सरकारी अस्पताल फाजिल्का पहुंचाया। मृतक के परिजनों का कहना है कि अमर ज्याणी ने प्रवेश को एक पेट्रोल पंप लगवाकर दिया था लेकिन वह अपनी पैतृक संपत्ति में हिस्सा मांग रहा था। इसी को लेकर पिछले काफी समय से दोनों में झगड़ा चल रहा था। घटना के बाद प्रवेश ज्याणी मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।