कोलकाता नेशनल काउंसिल की बैठक में होगा राष्ट्रव्यापी आंदोलन का एलान : लांबा
चंडीगढ़। केंद्र सरकार की ओर से कर्मचारियों और पेंशन भोगियों के लिए आठवां वेतन आयोग गठित न करने के फैसले से करीब दो करोड़ कर्मचारियों और पेंशन भोगियों में आक्रोश पैदा हो गया है। केंद्रीय वित्त सचिव टीवी सोमनाथन की ओर से जारी एक प्रेस बयान में साफ कहा गया है कि केंद्र सरकार का 48.67 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 67.95 लाख पेंशनभोगियों के लिए आठवां वेतन आयोग गठित करने की कोई योजना नहीं है और ऐसा कुछ भी सरकार के पास लंबित नहीं है। इससे कर्मचारियों को तगड़ा झटका लगा है। इसके लिए अब कर्मचारी आंदोलन करेंगे।
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि क्योंकि सेंट्रल पे कमीशन से देश के कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को वेतन व पेंशन में कुछ बढ़ोतरी की बड़ी आशा रहती है। केंद्रीय कर्मचारियों, सशस्त्र बलों के कर्मचारियों और राज्य कर्मियों पर आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को जनवरी 2026 से लागू किया जाना प्रस्तावित है। इसलिए आठवें वेतन आयोग का गठन किया जाना जरूरी है।
नेशनल काउंसिल में सभी राज्यों से करीब 600 डेलीगेट्स भाग लेंगे
केंद्र सरकार की ओर से आठवां वेतन आयोग गठित न करने के फैसले को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए लांबा ने कहा कि महासंघ 28-30 दिसंबर को कोलकाता में होने वाली नेशनल काउंसिल की बैठक में केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ अन्य कर्मचारी संगठनों को साथ लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान करेगा। उन्होंने बताया कि नेशनल काउंसिल में सभी राज्यों से करीब 600 डेलीगेट्स भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि वित्त सचिव के बयान के अनुसार केंद्र सरकार एनपीएस में कुछ संशोधन करने जा रही है। कर्मचारियों को एनपीएस में कोई भी संशोधन मंजूर नहीं है।