टोक्यो ओलंपिक में शनिवार को हरियाणा का नाम बुलंद हो गया। कुछ देर पहले बजरंग के कांस्य का जश्न थमा भी नहीं था कि पानीपत के भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने गोल्ड पर निशाना साध दिया। इसके साथ ही हरियाणा में हर खेल प्रेमी जश्न में डूब गया। ओलंपिक के इतिहास में अब तक इस स्पर्धा में कोई भी भारतीय पदक नहीं जीत सका था। टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने नीरज चाेपड़ा को हरियाणा सरकार छह करोड़ रुपये देगी।
नीरज की जीत से गदगद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की कि हरियाणा सरकार पंचकूला में सेंटर फॉर एक्सीलेंस ऑफ एथलेटिक्स बनाएगी। नीरज चोपड़ा को प्रथम श्रेणी की नौकरी देकर उसका हेड बनाया जाएगा। 13 अगस्त को प्रदेश के सभी पदक विजेताओं का सरकार सम्मान करेगी।
पानीपत के गांव खंडरा के नीरज चोपड़ा ने धमाकेदार तरीके से फाइनल में प्रवेश किया था और बाकी खिलाड़ी उनके आसपास भी नहीं दिखे। ऐसे में शनिवार को सभी निगाहें नीरज पर थी। भाला फेंक के मुकाबले में उनके प्रदर्शन के बाद ओलंपिक में स्वर्ण की उम्मीद बढ़ गई थी। नीरज ने भी किसी को निराश नहीं किया। मुकाबले को लेकर उनका परिवार और एथलेक्टिस फेडरेशन उत्साहित था।
नीरज के चाचा भीम चोपड़ा ने बताया कि शनिवार को पूरा परिवार मिलकर नीरज का फाइनल मुकाबला देख रहा था। परिवार ने प्रभु से नीरज की सफलता की प्रार्थना की थी। उन्हें विश्वास था कि नीरज देश का नाम रोशन करके ही लौटेगा।
पूरे गांव ने एक साथ देखा मैच
एथलेक्टिक्स फेडरेशन हरियाणा की ओर से गांव खंडरा में शनिवार को 10 बाई 10 फुट की स्क्रीन लगाई गई थी। नीरज के घर के सामने ही यह स्क्रीन स्थापित की गई। पूरे खंडरा निवासियों न नीरज का मुकाबला देखा। एथलेटिक्स फेडरेशन हरियाणा के महासचिव राजकुमार मिटान ने बताया कि मुकाबला देखने दूर दराज के लोग गांव खंडरा आए। एथलेटिक्स फेडरेशन हरियाणा के मीडिया प्रभारी सत्यवीर धनखड़ ने बताया कि फेडरेशन की पूरी टीम ने नीरज चोपड़ा से फोन पर बात की थी और उन्हें शनिवार के मुकाबले के लिए शुभकामनाएं दीं थीं।