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कोरोना के बाद स्कूल आने वाले बच्चों के लिए एजवाइजरी बनाएगा सीसीपीसीआर

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चंडीगढ़। कोरोना के खतरे के बीच स्कूल शुरू हो गए हैं। आने वाले दिनों में शिक्षा विभाग छठी से आठवीं तक के बच्चों के लिए भी स्कूल खोलने जा रहा है। ऐसे में बच्चों का कोरोना से बचाव बहुत जरूरी है। स्कूल आने वाले बच्चों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं, ये बताने के लिए चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीसीपीसीआर) शिक्षा विभाग के साथ मिलकर एक एडवाइजरी बनाएगा।
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जीएमसीएच-32 के साथ मिलकर सीसीपीसीआर ने सेक्टर-43 स्थित चंडीगढ़ जूडिशियल अकादमी के ऑडिटोरियम में शहर के स्कूल काउंसलरों के लिए दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया। वीरवार को कार्यक्रम का समापन हुआ। सीसीपीसीआर की तरफ से बताया गया कि इस कार्यक्रम में कुल 104 अध्यापकों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सामने आए महत्वपूर्ण बिंदुओं को मिलाकर ही बच्चों के लिए एडवाइजरी बनाई जाएगी।
आयोग की चेयरपर्सन हरजिंदर कौर ने कहा कि स्कूलों को बंद कर कोरोना के फैलाव को रोकने में बड़ी कामयाबी मिली है, लेकिन इसका खामियाजा बच्चों ने भी कई तरह से चुकाया है। कोरोना की वजह से पिछले कई महीनों से घर पर बैठे बच्चों में तनाव, भय और चिंता आदि ने घर कर लिया है, इससे बच्चों को कैसे बाहर लाना है, इसे लेकर शहर के विभिन्न स्कूलों के काउंसलरों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया ताकि जब स्कूल खुलें तो स्कूल काउंसलर पूरी तरह से तैयार रहें। कार्यक्रम की संयोजक नीति मोहन ने कहा कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है, जिसका मकसद बड़े पैमाने पर महामारी से निपटने के लिए बच्चों को मनोसामाजिक सहायता प्रदान करना और उन्हें बेहतर ढंग से सुसज्जित करना है। जीएमसीएच-32 की मनोचिकित्सा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति अरुण ने प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सीसीपीसीआर का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह विशेष रूप से सहायक होगा, क्योंकि स्कूल जल्द ही फिर से खुल रहे हैं।
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