चंडीगढ़। यूटी प्रशासन के अधिकारी अब 12 बजे से एक बजे (बुधवार और शुक्रवार को छोड़कर) के बीच कोई भी बैठक नहीं रख सकेंगे। यह समय लोगों से मिलने का होगा और अफसर इसके लिए मना नहीं कर सकेंगे। बता दें कि अमर उजाला ने इस मुद्दे को ‘कोरोना से नहीं.. जनता के सवालों से अफसरों को लगता है डर’ शीर्षक से बीते 20 जुलाई के अंक में प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद अब यूटी प्रशासन के कार्मिक विभाग ने सभी विभागों के सचिव व प्रमुखों को आदेश जारी कर दिए हैं।
आदेश में वर्ष 24 फरवरी 2012 और 23 जून 2014 के भी आदेशों का जिक्र है, जिसमें कहा गया है कि अफसरों को 12 बजे से एक बजे के बीच लोगों से मिलना चाहिए और उनकी समस्याओं को हल करना चाहिए। ताजा आदेश में कहा गया है कि अधिकारी ये सुनिश्चित करें कि मिलने के समय के बोर्ड को दफ्तर के बाहर लगाया जाए। 12 बजे से एक बजे के बीच कोई बैठक न रखी जाए, ताकि लोगों को परेशान न होना पड़े।
सभी विभागों के सचिव व प्रमुखों को आदेश दिया गया है कि लोगों से मिलने के लिए 12 बजे से एक बजे के बीच अफसर दफ्तर में मौजूद रहें। दरअसल, अमर उजाला ने 20 जुलाई के अंक में जो खबर प्रकाशित की थी, उसमें बताया था कि लोगों को अफसरों से मिलने में काफी परेशानी हो रही है। प्रशासन के अधिकारी 12 बजे से एक बजे बैठक रखते हैं, ताकि लोगों से न मिलना पड़े। विजिटर्स ऑवर्स के अतिरिक्त किसी समय पर पहुंचने पर लोगों को 12 से एक बजे के बीच आने के लिए कहा जाता है। कोई इस समय पहुंच भी जाता है, तो जवाब मिलता है कि अधिकारी व्यस्त हैं या फिर बैठक चल रही है। लोगों को घंटों इंतजार करने के बाद अधिकारी से बिना मिले लौटना पड़ता है।
ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट लेने पर अभी भी नहीं मिलता जवाब
चंडीगढ़ में किसी अधिकारी से मिलना आम आदमी के लिए बेहद मुश्किल है। अगर वह विजिटर्स पास लेकर अधिकारी के दफ्तर पहुंच जाता है। कोई बैठक न चल रही हो, अधिकारी व्यस्त न हो तो भी कहा जाता है कि वह पहले अप्वाइंटमेंट लेकर आएं। इसके लिए स्वागतम पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने के लिए कहा जाता है। आवेदन करने के बाद हफ्तों तक जवाब ही नहीं दिया जाता है। कई बार तो बिना कारण दिए ही आवेदन रद्द कर दिया जाता है। कई बार अधिकारी से बिना मिले ही आवेदन पूरा दिखा दिया जाता है। अफसरों की इस कार्यशैली से जनता परेशान है।